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    अचानक जेब से मोबाइल निकाला और फिर... भाषण के बीच राहुल ने क्या किया? पूरा हॉल देखता रह गया!

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    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जवाहर भवन में 'हरा भरा स्वराज: राजीव गांधी के दृष्टिकोण को एक श्रद्धांजलि' में भाग लिया और संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज भारत में वैचारिक लड़ाई यही है।  सिस्टम को कंट्रोल करने वाले लोगों के एक ग्रुप ने यह तय कर लिया है कि वे इस देश के हर व्यक्ति के लिए सच क्या है, यह जानते हैं। इसीलिए वे हर दिन छात्रों पर हमला करते हैं। लेकिन अगर कोई छात्र मेरे पास आता है, तो मेरा मानना ​​यह है: वे अपना सच मुझसे कहीं बेहतर जानते हैं। मेरा काम है उनकी बात सुनना, उसका सम्मान करना और उसे समझना। यही वह राजनीतिक लड़ाई है जिसमें हम शामिल हैं। 'स्वराज' शब्द को अक्सर अंग्रेज़ी शब्द 'फ़्रीडम' (आज़ादी) समझ लिया जाता है। स्वराज का मतलब है—'स्व' पर 'राज', यानी खुद पर शासन करना। यह एक ज़िम्मेदारी है, सोचने का एक नज़रिया है। कोई व्यक्ति किसी दूसरे को 'फ़्रीडम' तो दे सकता है, लेकिन कोई भी किसी दूसरे को 'स्वराज' नहीं दे सकता। खुद को गहराई से समझना ही स्वराज है। दुनिया के साथ किसी व्यक्ति का निजी रिश्ता ही स्वराज है। गांधी जी चाहते थे कि देश का हर व्यक्ति स्वराज के इस रास्ते पर चले।इसे भी पढ़ें: Amit Shah खुद को सरदार पटेल से ऊपर समझते हैं, Vande Mataram विवाद पर Pawan Khera का बड़ा प्रहारराहुल ने कहा कि जानवरों को केज में डाल दिया जाता है। उसी जानवर को अगर आप जंगल में देखो तो राज करता है। शेर को आप एक शेर अपने स्व पर राज करता है। और वही शेर जू में कोलप्स कर जाता है। क्यों? क्योंकि आपने उसको अपने नेचुरल एनवायरमेंट से काट दिया है। जेब से मोबाइल निकालकर राहुल ने कहा कि तो हमारे स्टूडेंट्स 24 घंटा इसको देखते रहते हैं। आपको बात समझ नहीं आ रही है। आपको ज़ू में बंद कर दिया गया है। ये पिंजरा है। मगर वो तो है। ये 21वीं सदी का और इसकी जरूरत है। ये मैं नहीं कह रहा हूं इसकी जरूरत नहीं है। आपको बहुत इंफॉर्मेशन देता है। बिजनेस में आपको फायदा देगा। कम्युनिकेशन में फायदा देगा। मगर स्वराज नहीं करवाएगा। वो आपकी जिम्मेदारी है। वो आपकी रिस्पांसिबिलिटी है। कोटा से शुरू हुआ ‘छात्रों की गूंज’ अभियानयुवाओं और छात्रों को साधने के लिए कांग्रेस ने अपनी सियासी सक्रियता बढ़ा दी है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कोटा से शुरू हुए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को अब मध्य प्रदेश में बड़े फलक पर उतारने की योजना है। जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद पार्टी ने देशभर में युवा संवाद का खाका खींचा है। मध्य प्रदेश में चरणबद्ध कार्यक्रमों के बाद अब इसे राज्यव्यापी रूप दिया जा रहा है, जिसमें राहुल गांधी का प्रस्तावित जबलपुर दौरा छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श में लाने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
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