Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अफवाहों के बीच सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग शुरु:1500 से 2000 रुपये में बिक रहा घरेलू सिलेंडर, शिकायतों की भरमार, मैनेजर हुए गायब

    2 hours ago

    1

    0

    मेरठ में घरेलू गैस सिलेंडरों की शॉर्टेज से जुड़ी अफवाहों के बीच ब्लैक मार्केटिंग का खेल शुरू हो गया है। उपभोक्ताओं को बुक किया गया सिलेंडर 8 दिन में भी नहीं मिल पा रहा है। जबकि सिलेंडर डिलीवर करने वाले ही 1500 से 2000 रूपए में सिलेंडर तुरंत उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसी शिकायत बढ़ती जा रही हैं…! दो तस्वीरें देखें… पहले एक नजर जिले की स्थिति पर मेरठ जनपद में IOCL, HPCL और BPCL की 80 गैस एजेंसी हैं। इन एजेंसियों पर लगभग 9.50 लाख उपभोक्ता पंजीकृत हैं। एक घरेलू उपभोक्ता को साल में 12 सिलेंडर का प्रावधान रहा है जिसे वह कभी भी ले सकते थे। मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद जिस तरह की संभावनाएं बन रही हैं, उसको देखते हुए अब उपभोक्ता को सिलेंडर मिलने के 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर मिल सकेगा। ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था चरमराई वर्तमान की जो स्थिति है उसके अनुसार ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। पहले उपभोक्ता ऑनलाइन गैस बुक करते थे और 2 दिन के भीतर डिलीवरी हो जाती थी। अब हालात खराब हैं। एजेंसियां ऑनलाइन नंबर थम रही है लेकिन बुकिंग हो नहीं पा रही। नतीजा यह है कि गैस एजेंसियों के दफ्तरों पर भीड़ जुट रही है। एजेंसी पर KYC की लग रही कतार गैस एजेंसियों का नजारा इन दोनों बदला हुआ है। यहां सुबह होते ही उपभोक्ताओं की कतार लग रही हैं। लोग गैस बुक कराने पहुंच रहे हैं, जिससे एजेंसी संचालक भी परेशान हैं। आरोप है कि एजेंसी संचालक भी अब उपभोक्ताओं को KYC के जाल में फंसाकर परेशान कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को कहना है कि अभी तक सब कुछ ठीक था। ऑनलाइन सिलेंडर मिल रहा था। जैसे ही यह समस्या पैदा हुई KYC शुरू करा दी। सर्वर ठप, एजेंसी पर हो रहे हंगामे दैनिक भास्कर ने शहर की एजेंसियों का हाल जाना। सबसे बड़ी समस्या यहां सर्वर की दिखाई दी। ऑनलाइन गैस बुकिंग पहले ही बंद हो चुकी है। अब ज़ब सर्वर भी जवाब देने लगा है तो एजेंसियों की स्थिति भी बिगड़ने लगी है। पूरे दिन उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रहती है लेकिन सर्वर ना चलने के कारण बुकिंग की संख्या निरंतर घट रही है। 2000 रूपए तक में सिलेंडर ब्लैक सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का कुछ लोगों ने फायदा उठाना शुरू कर दिया है। वह डिलीवरी के लिए सिलेंडर लेकर तो जा रहे हैं लेकिन सप्लाई नहीं दे रहे हैं। मुस्लिम इलाकों में दिक्कत ज्यादा है। रमजान के महीने में होटल से खाना मंगाने को लोग मजबूर हैं। आरोप है कि डिलीवरी मैन 15 सो रुपए से दो हजार में सिलेंडर तुरंत उपलब्ध करा रहे हैं। गोदाम पर गैस सिलेंडर की शॉर्टेज नहीं कुछ गैस एजेंसी के गोदाम भी दैनिक भास्कर ने देखें। शिवाजी रोड पर शहर के बीचो-बीच दो बड़ी एजेंसियों के गोदाम है। यहां पहुंचने पर पता लगा की गोदाम गैस सिलेंडरों से भरे हैं। पासी गैस गोदाम पर मिले दीपक ने बताया कि सिलेंडर की कोई शॉर्टेज नहीं है। लगातार गाड़ी आ रही है और सिलेंडर सप्लाई हो रहे हैं। सरकार के नए नियम का करा रहे पालन गोदाम संभाल रहे लक्ष्मण दास का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कोई दिक्कत नहीं है। 25 दिन के नियम का पालन कराया जा रहा है। अब जो गड़बड़ करने वाले लोग थे उनकी मनमानी रुकी है। जो वीआईपी ट्रीटमेंट लेते थे, उनको सिलेंडर मिलना बंद हो गया है। DSO बोले- 10 टीमें कर रही निगरानी जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं को परेशानी ना हो इसके लिए 10 टीम बना दी गई हैं। यह टीमें गैस एजेंसी और गोदाम का औचक निरीक्षण करेंगी। अगर कोई गड़बड़ करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल FIR की कार्रवाई की जाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    शादी-विवाह में लकड़ी पर बना रहे खाना:रिश्तेदारों से मांगकर जुटा रहे इक्का-दुक्का गैस सिलेंडर
    Next Article
    सिलेंडर न मिलने से परेशान रेस्टोरेंट, कैफे संचालक:गोरखपुर में बोलें- दुकान बंद करने की नौबत आई, घर कैसे चलेगा, कुछ करें सरकार

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment