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    AI-Based Disaster Management: केरल में बदलेगी आपदा प्रबंधन की तस्वीर, Odisha Model पर बनेगी नई रणनीति

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    केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने बुधवार को कहा कि राज्य AI-आधारित आपदा प्रबंधन और लचीलापन कार्यक्रम शुरू करेगा, जो देश के सबसे असरदार कार्यक्रमों में से एक होगा। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम केरल की खास भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा और मौसम में अचानक बदलाव की शुरुआती चेतावनी देने वाले सिस्टम को मजबूत करेगा। आपदा प्रबंधन में ओडिशा की सफलता का ज़िक्र करते हुए सतीसन ने कहा कि केरल को भी वैसा ही बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य दुनिया भर के जाने-माने जलवायु और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों की मदद से देश का सबसे आधुनिक मौसम पूर्वानुमान सिस्टम बनाएगा और साथ ही आपदा की आशंका वाले इलाकों की पहचान करने के लिए बाढ़ मैपिंग भी करेगा।इसे भी पढ़ें: Kerala में अगस्त के पहले चार दिन में सामान्य से 181 प्रतिशत अधिक बारिशओडिशा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1978 के भयानक चक्रवात में हज़ारों लोगों की मौत हुई थी। लेकिन उन्होंने कहा कि बेहतर आपदा प्रबंधन की वजह से, कुछ साल पहले आए एक चक्रवात के दौरान राज्य में मरने वालों की संख्या घटकर सिर्फ़ दो रह गई थी। उन्होंने कहा कि केरल को भी आपदाओं से निपटने के अपने तरीक़े में ऐसा ही बदलाव लाना चाहिए।इसे भी पढ़ें: Kerala में बारिश का कहर, भारी मानसूनी वर्षा से 25 लोगों की मौत और 8 जिलों में रेड अलर्ट जारीप्रस्तावित कार्यक्रम के तहत, सरकार बांधों से गाद (सिल्ट) हटाने का काम करेगी और नदियों व अन्य जल निकायों से जमा गाद, रेत और कचरा हटाएगी ताकि उनकी पानी रखने की क्षमता बढ़ाई जा सके और बाढ़ को कम किया जा सके। सतीसन ने आरोप लगाया कि 2018 से गाद हटाने का कोई काम नहीं हुआ है, जिससे नदियों की तलहटी में गाद और मलबा जमा हो गया है और उनकी पानी ले जाने की क्षमता कम हो गई है। उन्होंने कहा, "इससे हल्की बारिश में भी बाढ़ या जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। सतीशन  ने कहा कि सरकार कार्रवाई के लिए किसी और बाढ़ का इंतज़ार नहीं करेगी और मॉनसून के कम होते ही पूरे राज्य में गाद हटाने का ज़रूरी काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्व और जल संसाधन विभागों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
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