Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अखिलेश के भाई प्रतीक को ससुर ने दी मुखाग्नि:सपा प्रमुख ने चिता पर लकड़ी रखी, प्रणाम किया; भतीजी को चॉकलेट खिलाई

    17 hours ago

    1

    0

    सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक गुरुवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। लखनऊ में पत्नी अपर्णा के पिता यानी प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। अखिलेश ने भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। प्रतीक की दोनों बेटियां प्रथमा और पद्मजा भी श्मशान घाट पर मौजूद रहीं। दोनों ने पिता की चिता पर लकड़ी रखी। प्रतीक की छोटी बेटी पद्मजा अपने ताऊ अखिलेश के पास थी। अखिलेश ने उससे बात की और चॉकलेट खिलाई। अंतिम संस्कार कराने वाले पंडित ध्रुव कुमार तिवारी ने दैनिक भास्कर से कहा था- अगर अखिलेश यादव या उनके बेटे से मुखाग्नि दिलाई जाए तो ज्यादा अच्छा होगा। इससे पहले, प्रतीक की अंतिम यात्रा निकाली गई। शिवपाल के बेटे आदित्य ने शव को कंधा दिया। प्रतीक एनिमल लवर थे। शव वाहन पर उनकी डॉग्स और बंदर के साथ वाली तस्वीर लगाई गई। प्रतीक का बुधवार सुबह 6 बजे 38 साल की उम्र में निधन हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई। उनके शरीर पर 6 चोटें पाई गईं, जो मौत से पहले लगी थीं। इनमें 3 चोटें 7 दिन पुरानी और 3 चोटें एक दिन पुरानी थीं। उनका विसरा सुरक्षित रखा गया है। प्रतीक, मुलायम यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। उनकी पत्नी अपर्णा यादव भाजपा नेता हैं। इस वक्त राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे। इसमें खून का थक्का फेफड़ों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है। प्रतीक को 13 दिन में दो बार दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा था। इससे पहले, 30 अप्रैल को लखनऊ एयरपोर्ट पर चलते-चलते गिर पड़े थे। तब मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बताया था कि प्रतीक को दिल का दौरा पड़ा है। प्रतीक के अंतिम संस्कार से जुड़ी तस्वीरें देखिए- अंतिम यात्रा में हजारों समर्थक साथ-साथ चले गुरुवार सुबह प्रतीक यादव के शव को अंतिम दर्शन के लिए घर में रखा गया। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने प्रतीक को श्रद्धांजलि दी। ब्रजेश पाठक पत्नी नम्रता के साथ पहुंचे थे। शिवपाल यादव और डिंपल यादव ने भी अंतिम दर्शन किए। घर से 5 किमी दूर बैकुंठ धाम तक शव यात्रा निकाली गई। हजारों समर्थक साथ-साथ चले और 'प्रतीक यादव अमर रहें' के नारे लगाए। प्रतीक के घर से कुछ दूरी पर ही सपा कार्यालय है। शव को कुछ देर के लिए वहां जमीन पर रखा गया। परंपरा के अनुसार, श्मशान घाट पहुंचने से पहले शव को पांच बार जमीन पर रखा जाता है। शव यात्रा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह भी शामिल हुए। शिवपाल-अखिलेश के अगल-बगल बैठीं प्रतीक की बेटियां डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और मंत्री दिनेश सिंह श्मशान घाट पहुंचे। अखिलेश यादव और शिवपाल के अगल-बगल प्रतीक की दोनों बेटियां प्रथमा और पद्मजा बैठीं। अखिलेश छोटी बेटी पद्मजा से बातचीत करते रहे। उन्होंने बच्ची को चॉकलेट भी दी। सपा प्रमुख के बेटे अर्जुन उनके पीछे बैठे। दो कुर्सी छोड़कर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी बैठे थे। डिप्टी सीएम जब जाने लगे, तो अखिलेश ने उनसे मुलाकात की और हाथ भी मिलाया। रातभर बेटियों संग शव के पास बैठी रहीं अपर्णा प्रतीक के निधन के वक्त अपर्णा यादव असम में थीं। लौटने पर वे बेटियों से लिपटकर रोने लगीं। इसके बाद रातभर अपर्णा दोनों बेटियों के साथ शव के पास बैठी रहीं। बुधवार को अखिलेश, डिंपल, शिवपाल समेत यादव परिवार के सभी सदस्य पहुंचे थे। श्रद्धांजलि देते वक्त अखिलेश काफी भावुक नजर आए। ब्रिटेन से पढ़ाई की, राजनीति से दूर थे प्रतीक से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़ें- प्रतीक के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
    Click here to Read more
    Prev Article
    अमेरिका में 10 हजार छात्र जांच के घेरे में:शेल कंपनियों और फर्जी नौकरी से वीसा पाने का खेल; रडार पर भारतीय छात्र
    Next Article
    यूपी में आंधी-तूफान, टिनशेड के साथ 50 फीट उड़ा युवक:100 मीटर दूर खेत में गिरा; 24 घंटे में 100 मौतें, 2000 से ज्यादा गांवों की बिजली गुल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment