Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अलीगढ़ में 20 करोड़ से हाईटेक हुआ ICCC सेंटर:ट्रैफिक नियम तोड़ते ही ऑटो चालान, कूड़ा फेंकने वालों पर ड्रोन से नजर

    2 hours ago

    1

    0

    अलीगढ़ शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा को स्मार्ट बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। हैबिटैट सेंटर में स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) को करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया गया है। इस हाईटेक सिस्टम के शुरू होने के बाद अब शहर के हर कोने पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। मंडलायुक्त संगीता सिंह और नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने शनिवार को आधुनिक केंद्र की क्षमताओं की जानकारी देते हुए लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के हाईटेक होने पर एमएलसी तारिक मंसूर, महापौर प्रशांत सिंघल, मंडलायुक्त संगीता सिंह और नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने भी केंद्र का निरीक्षण कर जानकारी हासिल की। नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई मंडलायुक्त संगीता सिंह ने बताया कि हैबिटैट सेंटर का यह इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट पुलिस सर्विलांस और ट्रैफिक मैनेजमेंट को पूरी तरह बदल देगा। सेंटर में लगे फिक्स्ड और मूवेबल कैमरे अब शहर के हर वाहन की गतिविधि को ट्रैक करेंगे। यदि कोई व्यक्ति ट्रैफिक सिग्नल तोड़ता है या बिना हेलमेट के वाहन चलाता है तो उसकी नंबर प्लेट स्कैन हो जाएगी। इसके बाद ऑटोमेटिक चालान जनरेट होकर सीधे वाहन स्वामी के मोबाइल या पते पर पहुंच जाएगा। कूड़ा फेंकने वालों पर भी होगी कार्रवाई ट्रैफिक के साथ-साथ यह सिस्टम अपराध नियंत्रण में भी मील का पत्थर साबित होगा। शहर में किसी भी अपराध की स्थिति में संदिग्धों को ट्रेस करना पुलिस के लिए आसान हो जाएगा। वहीं नगर निगम ने इसे सफाई व्यवस्था से भी जोड़ दिया है। खाली पड़े प्लॉटों में कूड़ा डालने वालों पर अब ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है। ड्रोन सर्विलांस को सीधे आईसीसीसी से लिंक किया गया है, जिससे गंदगी फैलाने वालों की पहचान कर जुर्माना लगाया जा सकेगा। 55 पैनल और 90 दिन का बैकअप नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि पहले इस सेंटर में केवल 11 डिस्प्ले पैनल थे, जिन्हें बढ़ाकर 55 कर दिया गया है। वीडियो रिकॉर्डिंग की स्टोरेज क्षमता को भी 30 दिनों से बढ़ाकर 90 दिन कर दिया गया है। डेटा सुरक्षा को लेकर विशेष एहतियात बरती गई है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) द्वारा सेंटर का सेफ्टी ऑडिट किया जा चुका है और डेटा लीक से बचाने के लिए सख्त एसओपी तैयार की गई है। अप्रैल के अंत तक शहर की स्ट्रीट लाइटों और ट्यूबवेल का संचालन भी इसी सेंटर से ऑटोमेशन के जरिए किया जाने लगेगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    हिंदू नेताओं की हत्याओं और गोतस्करी के विरोध में प्रदर्शन:कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी, शिवसेना ने पीएम को भेजा लेटर
    Next Article
    गैरहाजिर 3 एएनएम का 15 दिन का काटा वेतन:डीएम को स्वास्थ्य उपकेंद्र में मिली लापरवाही, स्कूल में खराब एमडीएम पर शिक्षकों पर कार्रवाई

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment