Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अम्बेडकरनगर में राजनीतिक जमीन तलाश रहा अपराधी दिलीप वर्मा:कटेहरी या टांडा से ब्लॉक प्रमुख बनने की लगा रहा जुगत, बीजेपी के कार्यक्रमों में करता है शिरकत

    13 hours ago

    2

    0

    लखनऊ में शनिवार को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक संजय का संबंध पूर्वांचल के चर्चित अपराधी दिलीप वर्मा के गैंग से था। एनकाउंटर के बाद एक बार फिर दिलीप वर्मा और उसके कथित आपराधिक नेटवर्क की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अयोध्या के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के सरैया गांव निवासी दिलीप वर्मा के खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी समेत 32 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। माफिया विरोधी अभियान के दौरान उसने अदालत में आत्मसमर्पण किया था और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालिया दावों के मुताबिक वह फिलहाल जमानत पर बाहर है। हालांकि, उसके खिलाफ दर्ज मामलों में अंतिम निर्णय संबंधित अदालतों के अधीन है। जेल से भी गैंग संचालन के आरोप पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दिलीप वर्मा पर संगठित गिरोह बनाकर व्यापारियों और ठेकेदारों से रंगदारी वसूलने का आरोप रहा है। पुलिस का दावा है कि जेल में रहने के दौरान भी उसके गिरोह के सदस्य सक्रिय रहे और उसके नाम पर व्यापारियों को धमकियां देकर रंगदारी मांगते रहे। 2018 में रंगदारी का मामला बना था सुर्खियां वर्ष 2018 में अम्बेडकरनगर के अकबरपुर में एक व्यापारी से कथित तौर पर जेल से रंगदारी मांगने और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी का मामला काफी चर्चित रहा था। उस समय पुलिस ने गिरोह से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार कर रंगदारी के नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया था। संजय को बताया जा रहा था करीबी सहयोगी सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ मुठभेड़ में मारा गया संजय उर्फ संजीव, अहिरौली थाना क्षेत्र के चक कोडार गांव का निवासी था और लंबे समय से दिलीप वर्मा का करीबी सहयोगी माना जाता था। दावा किया जा रहा है कि वह रंगदारी वसूली और विरोधियों पर हमलों जैसी घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभाता था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राजनीति में सक्रियता को लेकर भी चर्चाएं सूत्रों के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद दिलीप वर्मा ने अम्बेडकरनगर में राजनीतिक सक्रियता बढ़ाई है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि वह सजातीय समीकरणों के सहारे अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश कर रहा है। हाल के दिनों में उसकी कुछ तस्वीरें भाजपा नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं। हालांकि, इन तस्वीरों की प्रामाणिकता और किसी राजनीतिक दल में उसकी आधिकारिक भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसियों की नजर नेटवर्क पर संजय उर्फ संजीव के एनकाउंटर के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसके संपर्कों और कथित आपराधिक नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि जांच के दौरान उससे जुड़े लोगों और गतिविधियों की भी जांच की जा सकती है। फिलहाल संजय की मौत के बाद दिलीप वर्मा का नाम एक बार फिर पूर्वांचल की अपराध और राजनीति से जुड़ी चर्चाओं के केंद्र में आ गया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    वाराणसी में तीन दिनों तक होगी UPTET-2026:अभ्यर्थी 30 जून से डाउनलोड कर सकते हैं प्रवेश पत्र, 2 से 4 जुलाई तक होगी परीक्षा
    Next Article
    बलरामपुर में मोहर्रम पर ताजिए कर्बला रवाना:वीर विनय चौराहे पर देर रात तक उमड़ा जनसैलाब, 'या हुसैन' की सदाएं गूंजी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment