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    अंपायर मानिक की पत्नी बोलीं- KCA मदद करे:अब मेरा कोई सहारा नहीं, छोटी बेटी को पढ़ाना है; बेटियों ने अस्थियां चुन बेटे का फर्ज निभाया

    3 hours ago

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    मेरी बेटी घाट पर अस्थियां लेने गई, बेटियों ने पिता के शव को कंधा दिया। जो सबसे छोटी है, उसने कपालक्रिया की, मुखाग्नि दी। बेटों वाला काम किया है। मेरा कोई बेटा नहीं, अब मेरा सहारा कौन बनेगा। ये बातें मधुमक्खियों के हमले में जान गंवाने वाले अंपायर मानिक गुप्ता की पत्नी सुषमा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहीं। कानपुर के फीलखाना क्षेत्र में रहने वाले क्रिकेट अम्पायर मानिक गुप्ता बुधवार को शुक्लागंज के सप्रू स्टेडियम में क्रिकेट खेल रहे थे। मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इस दौरान 58 साल के मानिक गुप्ता को 50 से ज्यादा डंक मारे। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई थी। पत्नी बोलीं- वही एक सहारा थे, मेरी तो पूरी जिंदगी खराब हो गई मानिक गुप्ता के परिवार में पत्नी सुषमा और चार बेटियां हैं। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी समृद्धि है, जिसकी अभी शादी नहीं हुई है। सुषमा ने बताया- मानिक हमेशा कहते थे कि वे अपनी छोटी बेटी को सरकारी नौकरी करते देखना चाहते हैं। समृद्धि 18 साल की है और B.Sc कर रही है। वे उसे आगे JEE की तैयारी भी कराना चाहते थे। पत्नी ने रोते हुए कहा- अब परिवार का कोई सहारा नहीं बचा है। कैसे क्या होगा, कुछ समझ नहीं आ रहा। अब यह दिन देखना था कि मेरी बेटी ने बेटे का फर्ज निभाया। यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। उन्होंने कहा- मेरी तो पूरी जिंदगी खराब हो गई। वही एक सहारा थे, जिनकी कमाई से घर चलता था। जब वे 19 साल के थे तभी से KCA (राज्य क्रिकेट संघ) में जुड़े थे। पहले क्रिकेट खेलते थे, फिर अंपायरिंग करने लगे। उसी से घर चल रहा था। अब मैं बस यही चाहती हूं कि हमारी मदद की जाए। मेरी बेटी पढ़ना चाहती है, उसका सपना पूरा हो जाए। अभी तो उनके जाने की उम्र भी नहीं थी। बड़ी बेटी बोलीं-KCA और UPCA मदद करे बड़ी बेटी प्रियंका ने कहा- हम चाहते हैं कि हमें आर्थिक मदद मिले। अब घर में केवल मेरी छोटी बहन और मां हैं। KCA और UPCA यानी उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन से मदद मिलनी चाहिए। अगर समय से सही इलाज मिल जाता तो शायद पापा बच जाते। अब मेरी बहन और मां का कोई सहारा नहीं बचा। राहुल बोले- मैं दो अस्पताल ले गया, वहां एंटी डोज नहीं थी मानिक गुप्ता को अस्पताल ले जाने वाले राहुल सप्रु ने बताया- जैसे ही पता चला कि मानिक को मधुमक्खियों ने काटा है, मैं तुरंत पहुंचा और अपनी गाड़ी से उन्हें शुक्लागंज के दो अस्पतालों में लेकर गया। वहां बताया गया कि एंटी डोज उपलब्ध नहीं है। इसके बाद मैं उन्हें सीधे हैलट अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि मदद के लिए KCA के लोगों को सूचना दे दी गई थी। सभी अधिकारी अस्पताल पहुंच गए थे। हम लोग उनके परिवार के लिए जरूर कुछ करेंगे। मैंने प्रस्ताव रखा है कि एक श्रद्धांजलि मैच कराया जाए और जो भी राशि एकत्र हो, इसके साथ ही सहयोग की राशि के साथ वह उनकी छोटी बेटी की पढ़ाई, शादी के लिए दे दी जाए। अर्थी उठी तो पत्नी चीखी; बेटी चेहरा पोंछती रही बुधवार शाम शव घर पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। पति का शव देखकर पत्नी बेसुध हो गईं। गुरुवार सुबह अंतिम दर्शन के बाद जब शव उठा, तो पत्नी बिलख पड़ी। जिस जगह शव रखा था, वहां बार-बार हाथ फेरती रही। शव भागवत दास घाट पहुंचा तो छोटी बेटी पिता के चेहरे को बार-बार पोंछती रही और अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। पिता को मुखाग्नि दी। 3 तस्वीरें देखिए- साथी अंपायर ने कहा- मधुमक्खियों ने एक नहीं, तीन बार हमला किया अंपायर फीलखाना में परिवार के साथ रहते थे। उनकी चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी प्रियंका है। इसके बाद दीपिका और श्वेता हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। चौथी बेटी समृद्धि इंटरमीडिएट की छात्रा है। प्रत्यक्षदर्शी और मानिक गुप्ता के साथी अंपायर सुनील कुमार निषाद ने बताया कि बुधवार को राहुल सप्रू मैदान पर अंडर-13 क्रिकेट लीग का मैच था। इसमें मानिक अंपायरिंग करने पहुंचे थे। ग्राउंड में करीब 40-45 लोग मौजूद थे। कुछ खिलाड़ी कानपुर तो कुछ लखनऊ से आए थे। स्टेडियम की बाउंड्रीवॉल से सटकर बरगद का पेड़ है। उसी पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा था। सुबह से ही मधुमक्खियां मंडरा रही थीं। मधुमक्खियों ने तीन बार हमला किया। सुबह 7 बजे जब बच्चे ग्राउंड पर पहुंचे और अपनी किट उठाने जा रहे थे, तभी पहली बार मधुमक्खियों ने हमला किया। सुबह 8 बजे कुछ मधुमक्खियों ने खिलाड़ियों को काट लिया। इसके बाद साढ़े 8 बजे अचानक मधुमक्खियों का पूरा झुंड टूट पड़ा। करीब 15 मिनट तक पूरे ग्राउंड में अफरा-तफरी मची रही और मधुमक्खियों ने सभी को काटा। 50 से ज्यादा मधुमक्खियों ने अंपायर को घेरा, 10 मिनट हमला किया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय मानिक गुप्ता मैदान के पास बैठे थे। मधुमक्खियों से बचने के लिए वो भागने लगे, लेकिन गिर पड़े। इसके बाद 50 से अधिक मधुमक्खियों ने उन्हें घेर लिया और करीब 10 मिनट तक लगातार हमला किया। उम्र अधिक होने और हृदय रोगी होने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई।
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