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    अयोध्या में विकास कार्यों पर ब्रेक:विकसित भारत' योजना का 40.33 करोड़ बकाया, फर्मों ने रोकी सामग्री; ग्राम प्रधान परेशान

    2 hours ago

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    अयोध्या जिले की 772 ग्राम पंचायतों में ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के तहत कराए गए पक्के कार्यों का भुगतान न होने से विकास की रफ्तार थम गई है। निर्माण सामग्री का जिले पर 40 करोड़ 33 लाख रुपये बकाया है। भुगतान फंसे होने के कारण सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्मों ने अब माल देने से मना कर दिया है, जिससे प्रधान नए काम शुरू नहीं कर पा रहे। श्रमिकों को मजदूरी न मिलने से भी काम ठप है। योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, अमृत सरोवर, खड़ंजा, नाली और चक रोड की पटाई जैसे काम कराए जाते हैं। शासन से समय समय पर सामग्री और श्रमिकों की मजदूरी का पैसा आता है, लेकिन पिछले छह माह से न तो सामग्री का भुगतान हुआ और न ही मजदूरी मिली। प्रधानों का कार्यकाल मई में पूरा हो रहा है। फर्म संचालकों को डर है कि कार्यकाल खत्म होने के बाद बजट नहीं आया तो भुगतान डूब जाएगा। इसी डर से वे प्रधानों के घरों के चक्कर लगा रहे हैं। अमानीगंज ब्लॉक के प्रधान संघ अध्यक्ष पवन पांडेय ने बताया कि ब्लॉक की 73 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से नाली, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग और सीसी रोड बनवाई गई, लेकिन भुगतान नहीं हो पा रहा। प्रधानों का कहना है कि बीसों लाख रुपये की उधारी हो गई है। जहां से सामान खरीदते थे, वे भी अब माल देने से मना कर रहे हैं क्योंकि उनका पैसा फंसा है। ब्लॉकवार बकाया: अमानीगंज- 7.06 करोड़, रुदौली- 6.72 करोड़, मवई- 5.66 करोड़, मयाबाजार- 4 करोड़, मिल्कीपुर- 3.25 करोड़, हरिंग्टनगंज- 2.77 करोड़, सोहावल- 2.71 करोड़, बीकापुर- 2.70 करोड़, तारुन- 2.47 करोड़, मसौधा- 1.42 करोड़ और पूराबाजार- 1.27 करोड़ रुपये। डीसी मनरेगा उपेंद्र पाठक ने बताया कि श्रमिकों की मजदूरी एक सप्ताह में आने की उम्मीद है। पक्के कार्य का भुगतान भी जल्द कराने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है। भुगतान न होने से ग्रामीण विकास के काम पूरी तरह प्रभावित हैं और प्रधानों के सामने कार्यकाल खत्म होने से पहले साख बचाने का संकट खड़ा हो गया है।
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