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    अयोध्या महायोजना-2031 को मंजूरी:गोंडा, बस्ती तक 23623 हेक्टेयर में विस्तार, सड़क, उद्योग और हरित क्षेत्र पर फोकस

    2 hours ago

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    धार्मिक नगरी अयोध्या के भविष्य को नई दिशा देने वाली महायोजना-2031 को शासन ने मंजूरी दे दी है। 30 अप्रैल से यह योजना लागू हो गई है। इसमें वर्ष 2031 तक करीब 24 लाख आबादी को ध्यान में रखकर शहर के समग्र विकास का खाका तैयार किया गया है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा तैयार इस मास्टर प्लान में कुल 23623 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किया गया है, जिसमें आवास, व्यापार, उद्योग और पर्यावरण के संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है। जमीन का संतुलित उपयोग, हर सेक्टर को प्राथमिकता अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराज जैन की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘अयोध्या महायोजना-2031’ की दूरदर्शी रूपरेखा, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, यातायात प्रबंधन, हरित विकास और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। अनुराग जैन ने बताया कि यह महायोजना अयोध्या को एक सुनियोजित, आधुनिक और विश्वस्तरीय शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम है। जहां विकास और विरासत साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। महायोजना के अनुसार 45.87% भूमि आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित की गई है। वहीं 8.34% क्षेत्र वाणिज्यिक और 5.52% औद्योगिक गतिविधियों के लिए तय किया गया है। उद्योग के लिए 5.52% भूभाग को सम्मिलित किया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक सुविधाओं, यातायात और हरित क्षेत्रों को भी पर्याप्त स्थान दिया गया है, ताकि शहर का विकास संतुलित और योजनाबद्ध तरीके से हो सके। सड़क और ट्रैफिक पर विशेष जोर उपाध्यक्ष अनुराज जैन ने बताया कि योजना में शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 12 मीटर से लेकर 75 मीटर चौड़ी सड़कों का प्रस्ताव रखा गया है। प्रमुख मार्गों के दोनों ओर 500 मीटर तक मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज) की अनुमति दी जाएगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को सुविधाएं नजदीक मिल सकेंगी। उद्योग से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे औद्योगिक विकास के लिए 1302 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। यहां बड़े, लघु और सेवा क्षेत्र के उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और अयोध्या की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हरित क्षेत्र और पर्यावरण संतुलन पर ध्यान शहर में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए 3009 हेक्टेयर क्षेत्र हरित और मनोरंजन गतिविधियों के लिए निर्धारित किया गया है। साथ ही जल संरक्षण के तहत तालाबों के चारों ओर 9 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। तीन जिलों के 353 गांव शामिल, दायरा 766.39 वर्ग किमी महायोजना के ‘भाग-ख’ के तहत अयोध्या का विस्तार बढ़ाकर 873 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है। इसमें अयोध्या सदर के 81, सोहावल के 73, बस्ती के हरैया के 129 और गोंडा के तरबगंज के 69 के कुल 353 गांवों को शामिल किया गया है। इससे अयोध्या एक बड़े शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित होगी। वैश्विक धार्मिक-पर्यटन नगरी बनने की ओर कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा के बाद स्वीकृत इस योजना में शिक्षा, स्वास्थ्य, सीवरेज और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। आने वाले वर्षों में अयोध्या को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और वैश्विक धार्मिक-पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी।
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