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    बबीता चौहान ने प्रियंका गांधी पर साधा निशाना:कहा- लड़की हूं, लड़ सकती हूं नारा, अब दूसरों को आने नहीं दूंगी हो गया है

    3 hours ago

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    उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान सोमवार को कासगंज शहर के भाजपा जिला कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने यहां महिला अधिनियम बिल संसद में पेश न होने के मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उनके साथ राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ और भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा भी मौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बबीता चौहान ने कांग्रेस द्वारा चलाए गए 'जशोदा बहन को सम्मान दो, घर में स्थान दो' अभियान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास 'फालतू की बातों' के सिवा कुछ नहीं है। चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने घर और पार्टी में महिलाओं को सम्मान नहीं दे रही है, इसलिए पहले उन्हें सम्मान देना चाहिए। बबीता चौहान ने प्रियंका गांधी के नारे 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अब उनका नारा 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं, लेकिन औरों को आने नहीं दूंगी' हो गया है। उन्होंने जोर दिया कि महिला अधिनियम महिलाओं की लड़ाई थी, किसी विशेष पार्टी की नहीं। उन्होंने प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव की पत्नी की भूमिका पर सवाल उठाया, क्योंकि अधिनियम पास नहीं हो सका। चौहान ने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं के लिए बहुत कुछ कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिन का विशेष सत्र बुलाकर अधिनियम को पास कराने के लिए भावुक अपील की थी, लेकिन यह पास नहीं हो सका। उन्होंने इसे 'बहुत दुर्भाग्यपूर्ण दिन' बताया और कहा कि उस दिन महिलाएं विपक्ष के 'दोहरे चेहरों' को देख रही थीं, जो महिलाओं को केवल वोट की राजनीति तक सीमित रखना चाहते थे। बबीता चौहान ने विपक्ष पर आगे निशाना साधते हुए कहा कि उनके घर की सभी महिलाएं अपनी-अपनी जगह पर 'अच्छे से सेट' हैं। उन्होंने कहा कि जिन्हें सांसद, विधायक, प्रमुख या जिला पंचायत बनना था, वे सब अपनी जगह स्थापित हैं। विपक्ष को डर था कि अगर महिला सीट पर कोई और मजबूत महिला आ गई, तो उनकी अपनी महिलाओं को घर न बैठना पड़े।
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