Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बच्ची से दरिंदगी और रेप का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा:सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद CP को तलब किया, पुलिस ने रेप की धारा नहीं जोड़ी

    2 hours ago

    1

    0

    गाजियाबाद में 4 साल की बच्ची से रेप और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस को फटकार लगाई है। कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा- यह सिस्टम की बड़ी नाकामी है। कोर्ट ने 4 साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या के जांच के मामले में पुलिस ने लापरवाही मानी। 13 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर को तलब किया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। 16 मार्च की की है घटना घटना 16 मार्च 2026 की है। गाजियाबाद में घर के बाहर खेल रही 4 साल की बच्ची को पड़ोसी युवक बहला-फुसलाकर ले गया। एक खाली प्लॉट में ले जाकर उससे दुष्कर्म किया। राज खुलने के डर से ईंट-पत्थर से कूंचकर बच्ची की हत्या कर दी। बच्ची का पिता रंगाई-पुताई का काम करता है। उसकी शादी 12 साल पहले हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। दो बेटों से छोटी 4 साल की बच्ची थी। पत्नी अपने पति बच्चों को तीन साल पहले छोड़कर चली गई थी। उसके जाने के बाद पति ही बच्चों की देखभाल करता है। पड़ोसी गौरव ने रेप के बाद की थी हत्या पड़ोस में रहने वाला गौरव प्रजापति (24) का उसके घर आना-जाना था। बच्चे उससे घुले-मिले थे। परिवार के मुताबिक सोमवार की शाम करीब 7 बजे वह चार साल की बच्ची से खेलने लगा। उसके बाद टॉफी दिलाने का लालच देकर उसे अपने साथ ले गया। घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर एक खाली पड़े प्लॉट में उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद ईंट-पत्थर से उसके सिर और चेहरे पर वार किया। वारदात को अंजाम देकर वह भाग गया। इस बीच घर में बच्ची को नहीं देखकर पिता परेशान हुआ। पुलिस को सूचना दी। इसी बीच रात करीब 9 बजे प्लॉट के कोने पर बच्ची खून से लथपथ मिली। आसपास रहने वालों ने डायल 112 पर पुलिस को जानकारी दी। जिसके बाद बच्ची को एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। पूछताछ में पता चला कि बच्ची के पड़ोस में रहने वाला गौरव प्रजापति बच्ची को अन्य बच्चों के बीच से खेलते समय टॉफी दिलाने के बहाने से गोद में उठाकर ले गया था। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि एफएसएल व डॉग स्कॉयड की टीमों ने साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जांच में परिजनों ने यह बताया कि पड़ोस में रहने वाला 24 साल का गौरव प्रजापति लेकर गया था। वह परिवार में आता-जाता था। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अस्पताल में नहीं किया था भर्ती 16 मार्च की रात को जब बच्ची गंभीर हालत में मिली तब पिता अपनी बच्ची को लेकर 2 प्राइवेट अस्पतालों में गया, लेकिन इन दोनों अस्पतालों ने उस बच्ची को भर्ती करने से मना कर दिया। जिसके बाद सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस की लापरवाही सामने आई पीड़ित परिवार ने पुलिस को इस बारे में बताया तो पुलिस ने उनकी मदद करने की बजाय परिवार को धमकाया। परिवार को चुप रहने की धमकी दी, FIR 17 मार्च को दर्ज की गई। घटना 16 मार्च की रात को हुई थी। गाजियाबाद पुलिस ने FIR में सिर्फ हत्या का मामला दर्ज किया, लेकिन जो बच्ची के साथ हुआ था वो साफ तौर पर यौन शोषण भी था। पुलिस ने पोक्सो- बच्चों को यौन अपराध से बचाने वाला कानून और रेप की धारा FIR में नहीं जोड़ी। 18 मार्च को पुलिस ने एनकाउंटर में पैर में गोली मारकर आरोपी गौरव को अरेस्ट किया। जिसमें पुलिस ने कहा कि आरोपी को उस जगह पर ले जा रहे थे जहां एक रुमाल छिपाया गया था। वहां आरोपी ने पुलिस पर गोली चला दी। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब आरोपी पुलिस हिरासत में था तो उस पर हथियार कहां से आ गया। पूरे मामले में सिहानीगेट पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। बच्ची के पिता की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट एन हरिहरन ने यह पैरवी की है। जिसमें कोर्ट में यह सबूत दिखाए कि बच्ची जिंदा थी, लेकिन पुलिस ने कहा था कि बच्ची हमारे पास जब आई तब उसकी मौत हो चुकी थी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    महराजगंज में बीएससी के छात्र ने की आत्महत्या:हेवती गांव में फंदे से लटका मिला शव, पुलिस जांच ,में जुटी
    Next Article
    लकड़ी लेने गई महिला पर तेंदुए ने किया हमला:बायां हाथ बुरी तरह जख्मी, जिला अस्पताल में भर्ती

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment