Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बंगाल हिंसा पर वसीम राईन का बड़ा बयान:बाराबंकी में बोले- पसमांदा मुसलमानों के मोदी प्रेम से ममता सरकार बौखलाई

    6 hours ago

    2

    0

    पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और संघर्ष की गूंज अब बाराबंकी तक पहुंच गई है। 'ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़' के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने बंगाल चुनाव के पहले चरण में हुई आगजनी और बमबाजी की घटनाओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सत्ताधारी पार्टी पसमांदा मुसलमानों के बदलते रुख और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के प्रति उनके बढ़ते रुझान से घबरा गई है। वसीम राईन ने बंगाल के मौजूदा हालात को लोकतंत्र के लिए 'काला अध्याय' बताया। उन्होंने कहा कि दशकों तक जिस पसमांदा समाज को केवल वोट बैंक समझा गया और डराया गया, वही समाज अब जागरूक होकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। राईन के अनुसार, केंद्र सरकार की मुफ्त राशन, आवास और आयुष्मान कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पसमांदा समुदाय को मिल रहा है, जिससे वे भाजपा और मोदी सरकार के करीब आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इसी 'पसमांदा-भाजपा' के मेल को तोड़ने के लिए हिंसा और डर का सहारा लिया जा रहा है। भाजपा की नीतियों के समर्थक माने जाने वाले वसीम राईन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार पसमांदा समाज को राजनीतिक भागीदारी और सम्मान दिया है। राईन ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 'बाहरी' वाले नैरेटिव को खारिज करते हुए इसे सच्चाई से ध्यान भटकाने का पैंतरा बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है, तब कोई बाहरी नहीं होता, लेकिन जब वही वर्ग अपने अधिकारों और सम्मान के लिए खड़ा होता है, तो उसे हिंसा के जरिए दबाने की कोशिश क्यों की जा रही है। इस दौरान वसीम राईन ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए वक्फ संशोधन बिल का भी खुलकर समर्थन किया। अंत में, उन्होंने राज्य प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि बंगाल के संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की और अधिक तैनाती की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब पसमांदा मुसलमान डरने वाला नहीं है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखनऊ में ट्रेन छूटने से सैकड़ों अभ्यर्थियों का पेपर छूटा:बोले- सेंटर दूर होने से आ रही दिक्कत, 55 केंद्रों पर 1.33 लाख अभ्यर्थी
    Next Article
    आज मेरठ में जन-आक्रोश महिला सम्मेलन:गीता शाक्य होंगी मुख्य अतिथि

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment