Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बंगाल में कानपुर के नेताओं ने ताकत झोंकी:बांग्लादेशी बाॅर्डर पार कर बूथ पर गए, नेता वाले कपड़े नहीं पहने, बोले- लुंगी और बाईक गैंग की दहशत थी

    1 hour ago

    2

    0

    ‘ममता बनर्जी ने जिस तरह से मंच से एक भ्रम फैला दिया था कि यहां पर दूसरी भाषा के लोग आकर कब्जा करना चाहते हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात के लोगों के लिए उन्होंने कहा था। वरिष्ठ पार्टी नेता के निर्देश पर हम लोगों ने मंच पर बोलना बंद कर दिया, लेकिन पार्टी के लिए काम करते रहे।’ 'डर और दहशत वहां के लोगों में इतनी थी कि वे कहते थे कि टीएमसी के लोग आते हैं और पूछते हैं कि किसको वोट करोगे, तो जवाब में उनकी ही पार्टी का नाम लेते थे। यहां तक कि पिछले चुनावों में उनके वोटर कार्ड भी लेकर गए थे। लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव के लिए पहले से ही केंद्रीय बल तैनात कर दिया था।' यह कहना है पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार करने गए भाजपा के वरिष्ठ नेता और सुरेश अवस्थी का। पार्टी के निर्देश पर वहां प्रचार के लिए गए सुरेश अवस्थी अब वहां से वापस लौट आए हैं। यहां उन्होंने पार्टी की जीत पर खुशी जताई ही, चुनाव के दौरान का माहौल भी साझा किया। कानपुर के नेतओं को पश्चिम बंगाल में जिम्मेदारी मिली दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की जीत में कानपुर के नेताओं ने भी ताकत झोंकी थी। शहर के सांसद, विधायक और प्रदेश पदाधिकारियों ने वहां महीनों प्रवास किया। वहां के माहौल और एक-एक सीट पर टीएमसी के डर को बीजेपी नेताओं ने दैनिक भास्कर से साझा किया। डटकर किस तरह वहां लुंगी गैंग और बाइक गैंग के डर को लोगों के मन से दूर किया इसको भी बताया। कानपुर के नेताओं को पश्चिम बंगाल की 40 से ज्यादा विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई थी। इसमें से 35 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की है। उन सीटों की जिम्मेदारी संभालने वाले भाजपा नेताओं में वहां की कामयाबी से खुशी है। शहर से कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, महेश त्रिवेदी, एमएलसी अरुण पाठक को पार्टी ने बंगाल चुनाव में भेजा था। सांसद को 26 सीटों पर प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई। करीब दो महीनों तक सांसद वहां रहे। इसके अलावा बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुरेश अवस्थी ढाई महीने तक वहां रहे। उन्हें बांग्लादेश बॉर्डर की महत्वपूर्ण सीट की जिम्मेदारी दी गई थी। एमएलसी अरुण पाठक भी करीब ढाई महीने वहां रहे। उन्हें जिस एक सीट की जिम्मेदारी दी गई, जहां बीजेपी जीती। इसी तरह से विधायक अभिजीत सिंह सांगा और महेश त्रिवेदी करीब 10 दिनों तक वहां रहे। यह दोनों नेता जिन सीटों पर गए, वहां बीजेपी ने जीत हासिल की है। बंगाल में चुनाव और बीजेपी नेता ने जो बताया, पढ़िए… वरिष्ठ बीजेपी नेता सुरेश अवस्थी ने बताया कि आचार संहिता लगने से पहले मैं बंगाल पहुंच गया। वहां पहले तो हमें करीब 20 दिन किसी के घर पर रखा गया, जो बीजेपी के कार्यकर्ता थे, लेकिन टीएमसी के लोगों और वहां की लोकल पुलिस का डर उनमें इतना था कि वे हम लोगों को रखने में डरते थे। इसके बाद जब वहां एक होटल में रुके, तो वह भी हम लोगों से कहता था कि आप होटल में रुके हैं, लेकिन जो पार्टी का पटका गले में डालते हैं, उसे थोड़ा दूर जाकर पहनें। जिस सीट की जिम्मेदारी हमें दी गई, वह बांग्लादेश बॉर्डर पर बागदा विधानसभा थी, जो सबसे बड़ी चुनौती थी। यहां बॉर्डर के पार एक बूथ था, जहां 509 वोटर थे। हमारे लिए हर सीट, हर वोट जरूरी था। यहां से सोमा ठाकुर बीजेपी की प्रत्याशी थीं। पिछले चुनाव में 12 हजार वोट से टीएमसी यहां से जीती थी। एसआईआर के बाद यहां के हिंदू वोटर कम हुए थे। इसलिए बॉर्डर उस पार भी सीआरपीएफ के साथ जाना पड़ता था। नेता होने के बाद औपचारिक ड्रेस में रहते थे, जब कैंवेसिंग के लिए निकलते तो बस गले में पार्टी का पटका पहन लेते थे। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने जिस तरह से लोगों का विश्वास जीता, जिसके कारण उनके मन से डर दूर हुआ। उन्होंने बताया कि बंगाल में टीएमसी क्लब के संरक्षण में गैंग बनाकर गुंडों को पोषित करती है, जिसमें वहां लुंगी गैंग और बाइक गैंग मशहूर था, जिनकी लोगों में बहुत दहशत थी। हम और हमारी पार्टी के लोग उस डर को बंगाल के लोगों के मन से निकालने में कामयाब हो गए। इसी कारण कार्यकर्ताओं की शक्ति और जनता के विश्वास का यह नतीजा सामने आया है। अब जानिए, जहां कानपुर के नेता रहे वहां कितनी सीटें जीतीं -
    Click here to Read more
    Prev Article
    फतेहपुर में मनरेगा फर्जीवाड़ा:ग्राम पंचायत अधिकारी सहित 3 दोषी, कार्रवाई की सिफारिश
    Next Article
    देवरिया में मां-दो बेटों की मौत:खाने में जहर देने की आशंका, भाई ने लगाया हत्या का आरोप, पति हिरासत में

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment