Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बांग्ला मेला कानपुर:बिठूर के मूकबधिर बच्चों ने हनुमान चालीसा पर डांस किया, अनिर्वाण भट्टाचार्य के गीतों पर झूमे लोग

    2 hours ago

    1

    0

    शहर में आयोजित दो दिवसीय 'बांग्ला मेला' के दूसरे दिन एक ऐसा नजारा दिखा जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं और तालियां रुकने का नाम नहीं ले रही थीं। बिठूर के 'ज्योति बधिर विद्यालय' के 13 बच्चों ने मंच पर जब अपनी प्रस्तुति दी, तो यह साबित हो गया कि कला किसी आवाज की मोहताज नहीं होती। इन बच्चों ने न सिर्फ संगीत की थाप को महसूस किया, बल्कि साइन लैंग्वेज के जरिए हनुमान चालीसा और देशभक्ति गीतों को जीवंत कर दिया। 18 साल पुरानी परंपरा, बंगाल सा अहसास शहर में यह उत्सव पिछले 18 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। बंगाली समुदाय के लिए यह आयोजन किसी त्यौहार से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दुर्गा पूजा के बाद अगर उन्हें किसी चीज का बेसब्री से इंतजार रहता है, तो वह यही मेला है। यहां कोलकाता के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद और पारंपरिक साड़ियों की चमक देखकर ऐसा लगता है मानो पूरा बंगाल सिमटकर कानपुर आ गया हो। साइन लैंग्वेज से दी सुरों को पहचान कार्यक्रम की सबसे भावुक कर देने वाली कड़ी बिठूर के ज्योति बधिर विद्यालय के बच्चों की परफॉरमेंस रही। स्कूल की ऊषा शर्मा ने बताया कि इन बच्चों को वंदना देवराय ने कड़ी मेहनत से तैयार किया है। चूंकि ये बच्चे सुन और बोल नहीं सकते, इसलिए इन्हें संगीत की लय और शब्दों का अर्थ साइन लैंग्वेज के जरिए समझाया गया। बच्चों ने मंच पर हनुमान चालीसा, एक बांग्ला गीत और देशभक्ति गीतों पर ऐसी प्रस्तुति दी कि दर्शक दीर्घा में बैठा हर शख्स खड़ा होकर तालियां बजाने पर मजबूर हो गया। खुद ही बने अपने 'मेकअप आर्टिस्ट' इन बच्चों की खासियत सिर्फ इनका डांस ही नहीं, बल्कि इनका स्वावलंबन भी रहा। ऊषा शर्मा ने बताया कि मंच पर उतरने से पहले बच्चों ने अपना गेटअप और श्रृंगार खुद ही तैयार किया। ये बच्चे पहले भी कई बड़े मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं, जिससे अब उनके भीतर एक अलग स्तर का आत्मविश्वास नजर आता है। दैनिक भास्कर के सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीर ली
    Click here to Read more
    Prev Article
    फर्रुखाबाद में शिक्षक ने फांसी लगाकर दी जान:12 साल के बेटे ने देखा पिता का शव, दौड़कर पड़ोसियों को बुलाया
    Next Article
    लखनऊ के उदासीन आश्रम में मेडिकल कैंप लगा:स्थानीय लोगों को मुफ्त जांच और दवाई मिली , हरि प्रकाश बोले- लोगों की पीड़ा दूर करना हमारा कर्तव्य

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment