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    'भागवत के घर वापसी वाले बयान का गलत अर्थ निकाला':सहारनपुर में मौलाना इसहाक बोले- फिल्में बनाकर धर्म विशेष को टारगेट किया जा रहा

    16 hours ago

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    मोहन भागवत के घर वापसी वाले बयान के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है। इस पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इसी कड़ी में जमीयत दावातुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक गोरा का भी बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने कहा कि घर वापसी पर मोहन भागवत की जुबान फिसल गई है। उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। मौलाना सैयद अरशद मदनी का जो वीडियो दिखाया जा रहा है वो पुराना है। अब धर्म के नाम पर फिल्में बनाकर एक विशेष समुदाय को टारगेट किया जा रहा है। मौलाना कारी इसहाक गोरा ने मोहन भागवत के घर वापसी वाले बयान के अलावा धर्म आधारित फिल्मों, रमजान में माइक विवाद, एसआईआर सर्वे और अमेरिका के टैरिफ फैसले पर भी बात की। आइये जानते हैं उन्होंने और क्या कुछ कहा है। सवाल: मोहन भागवत के घर वापसी वाले बयान पर देशभर में बहस छिड़ी है। इस पर आप क्या कहेंगे? जवाब:मोहन भागवत एक बुजुर्ग और बुद्धिजीवी व्यक्ति हैं। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा बयान दिया होगा। संभव है कि उनकी जुबान फिसल गई हो,या उनके कहने का आशय कुछ और रहा हो। लेकिन इस तरह के बयान जब बड़ी हस्तियों के मुंह से आते हैं तो स्वाभाविक रूप से चर्चा और विवाद का विषय बन जाते हैं। सवाल: मोहन भागवत के बयान के बाद मौलाना सैयद अरशद मदनी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसे कैसे देखते हैं? जवाब: सैयद अरशद मदनी साहब का जो वीडियो दिखाया जा रहा है। वह पुराना है। उसे मौजूदा बयान के ठीक उलट दिखाकर माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। मेरी मीडिया से अपील है कि पुराने वीडियो को नए विवाद से जोड़कर पेश न करें। इससे समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होता है। सवाल: 'दा केरला स्टोरी-2' मूवी को लेकर आप क्या सोचते हैं? जवाब: आज का बॉलीवुड पहले जैसा नहीं रहा। अब धर्म के नाम पर फिल्में बनाकर एक विशेष समुदाय को टारगेट किया जा रहा है। हाल में आई 'दा केरला स्टोरी-2 को लेकर भी हमने आपत्ति जताई है। इससे पहले भी इसी तरह की फिल्में आईं। मेरा मानना है कि ऐसी फिल्मों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को प्रोड्यूसर और संबंधित लोगों पर कदम उठाना चाहिए। ताकि भविष्य में समाज में वैमनस्य फैलाने वाली फिल्में न बनें। सवाल: रमजान में माइक को लेकर सदन में सपा नेता ने अनुमति मांगी। जिसे सुरेश खन्ना ने खारिज कर दिया? आप इस पर क्या कहेंगे। जवाब: मेरा मानना है कि इसकी जरूरत ही नहीं थी। जहां कोर्ट के आदेश के तहत अनुमति है। वहां माइक का इस्तेमाल हो रहा है। रमजान में इफ्तार और सहरी के समय माइक को लेकर राजनीति करना उचित नहीं। लोगों को अपना धर्म शांतिपूर्वक निभाने दिया जाना चाहिए। सवाल: एसआईआर को लेकर विपक्ष 3 करोड़ वोट कटने की आशंका जता रहा है। आपका इस क्या मत है? जवाब: एसआईआर में लोगों की लापरवाही भी सामने आई है। विपक्ष आज आवाज उठा रहा है। लेकिन जब फॉर्म भरवाने का समय था तब उनके कार्यकर्ता मोहल्लों में क्यों नहीं पहुंचे? लोगों में भ्रम और डर था। तब उन्हें जागरूक करना चाहिए था। हालांकि अभी भी समय है। सरकार को गाइडलाइन जारी करनी चाहिए ताकि जो लोग छूट गए हैं वे अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें। सवाल: अमेरिका द्वारा लगाए गए 18% टैरिफ को आप कैसे देखते हैं? जवाब: अमेरिका को हमने जरूरत से ज्यादा महत्व दे रखा है। अगर वह टैरिफ लगाकर भारत को नुकसान पहुंचाने की सोच रहा है तो यह उसकी गलतफहमी है। भारत व्यापार के क्षेत्र में मजबूत देश है। थोड़ा असर यहां पड़ेगा तो उससे ज्यादा असर अमेरिका पर भी पड़ेगा। यह एक बड़े स्तर पर आर्थिक दबाव की रणनीति है, लेकिन भारत इससे निपटने में सक्षम है। अब पढ़िए मोहन भागवत का वो बयान जिस पर बहस छिड़ी है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत 17 फरवरी को लखनऊ आए थे। वह यहां निराला नगर में सामाजिक सद्भाव बैठक में शामिल हुए थे। बैठक को संबोधित करते हुए कहा था- भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं, वे कोई अरब से नहीं आए है। घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा। हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर पर कहा, हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। अभी जनसंख्या दर 2.1 है। यह कम से कम 3 होनी चाहिए। जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है। अब जो भी बच्चे शादी कर रहे हैं, उन्हें बताइए कि कम से कम तीन बच्चे पैदा करें। यहां पढ़ें पूरी खबर यह खबर भी पढ़िए- यूपी में शिक्षा मित्रों को अब 18 हजार रुपए मिलेंगे:अनुदेशकों की भी सैलरी बढ़ाई, योगी का विधानसभा में ऐलान यूपी में पंचायत और विधानसभा चुनाव से पहले 1.70 लाख शिक्षा मित्र और अनुदेशकों को योगी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। शिक्षा मित्रों को अब 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए हर महीने मिलेंगे। अभी तक शिक्षा मित्रों को 10 और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए ही मिल रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…
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