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    भारत ने ट्रक पर लादी क्रूज मिसाइल, बटन दबाते ही जो हुआ...

    19 hours ago

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    मिलिट्री ट्रक पर लाद कर भारत ने ऐसी मिसाइल दागी है जिसने दुश्मन देशों में इस वक्त हड़कंप मचा कर रख दिया है। भारत ने ऐसा जोरदार धमाका किया है जिसने भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों और दिल्ली को आंख दिखाने वालों के पैरों तले से जमीन खिसका के रख दी। आपको बता दें कि ओडिशा के तट से भारत ने अपनी नई लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल यानी कि एलआरएलएसएम का सफल परीक्षण यानी कि टेस्ट किया है। यह सिर्फ एक मिसाइल नहीं है बल्कि भारत की उस नई ताकत का ऐलान है जो दुश्मन की सीमा के सैकड़ों किलोमीटर अंदर मौजूद सैन्य ठिकानों तक सटीक वार कर सकती है। उड़ीसा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से जैसे ही मिसाइल लॉन्च हुई, कुछ ही पलों में उसने अपने तय रास्ते पर उड़ान भरनी शुरू कर दी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक टेस्ट पूरी तरह से सफल रहा है और मिसाइल ने अपने सभी मिशन उद्देश्यों को हासिल कर लिया है। लेकिन आखिर इस मिसाइल को लेकर इतनी चर्चा क्यों हो रही है? इसे भी पढ़ें: Project Kusha भारत की सुरक्षा में गेम-चेंजर: Rajnath Singh ने नए Air Defense System को सराहादरअसल आपको बता दें कि एलआरएलएसीएम एक क्रूज मिसाइल है। क्रूज मिसाइलें जो हैं यह बैलस्टिक मिसाइलों की तरह आसमान में बहुत ऊंचाई तक नहीं जाती बल्कि जमीन से बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए अपने लक्ष्य यानी कि टारगेट तक पहुंचती उन्हें नेहस्तनाबूद कर देती है। और यही वजह है कि दुश्मन के रडार इन्हें आसानी से ट्रैक नहीं कर पाते। इतना ही नहीं यह रास्ते में अपना मार्ग भी यानी कि रास्ता भी बदल सकती है। जिससे एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। अब हम ग्राफिक्स के जरिए समझते हैं कि रास्ता बदल सकती है कैसे यह लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल। सबसे पहले लंबी दूरी तक यह मार कर सकती है। जमीन पर बने टारगेट को यह निशाना बनाती है। जीपीएस, आईएएस और दूसरे नेविगेशन सिस्टम से डायरेक्शन यह लेती है। दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए कम ऊंचाई पर यह उड़ सकती है। अब आप यह समझिए कि इस टेस्ट की सबसे बड़ी अहमियत क्या है?इसे भी पढ़ें: France ने सौंपा राफेल का राज, चीन-पाकिस्तान में मचा हड़कंपरक्षा एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह मिसाइल भारत की डीप स्ट्राइक क्षमता को एक बहुत बड़ी मजबूती देने वाली है। डीप स्ट्राइक यानी दुश्मन की सीमा के काफी अंदर मौजूद एयरबेस, रडार स्टेशन, मिसाइल लॉन्च साइट, कमान सेंटर और सैन्य मुख्यालय जैसे अहम ठिकानों पर दूर से ही सटीक हमला करने की इसकी क्षमता है। मान लीजिए किसी दुश्मन देश का एयरबेस उसकी सीमा के सैकड़ों किलोमीटर अंदर मौजूद है। सामान्य परिस्थितियों में वहां तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो सकता है। लेकिन एलआरएलएसीएम यानी कि क्रूज मिसाइलें बिना सीमा पार किए भी ऐसे ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता रखती है। उन्हें नस्तनाबूद कर सकती है और यही वजह है कि आधुनिक युद्ध में डीप स्ट्राइक क्षमता को निर्णायक माना जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह मिसाइल पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई है। इसके विभिन्न सिस्टम जो है यह डीआरडीओ की लैब और भारतीय उद्योगों ने मिलकर इसे तैयार किए हैं। यानी भारत अब इस तरह की रणनीतिक क्षमता के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भर नहीं रहेगा और यही वजह है कि एलआरएलएसीएम का यह सफल परीक्षण सिर्फ एक मिसाइल टेस्ट नहीं माना जा रहा है। इसे भी पढ़ें: DRDO की LRLACM Cruise Missile का सफल Test, आत्मनिर्भर भारत की एक और बड़ी छलांगयह भारत की बढ़ती डीप स्ट्राइक क्षमता, रक्षा, आत्मनिर्भरता और रणनीतिक ताकत का एक बहुत बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। ऐसी क्षमता जो किसी भी संभावित दुश्मन को यह संदेश देती है कि अब भारत सिर्फ अपनी सीमाओं की रक्षा करने तक सीमित नहीं है। जरूरत पड़ने पर दुश्मन की सीमा के काफी अंदर मौजूद उसके सबसे अहम सैन्य [संगीत] ठिकाने भी भारतीय पहुंच से बाहर नहीं है। और आधुनिक युद्ध के दौर में यही तकनीक किसी भी देश की सबसे बड़ी रणनीतिक बढ़त मानी जाती है। और यह काम, यह टेस्ट, यह सफल परीक्षण अब भारत ने कर लिया है। जिसने भारत के दुश्मन देशों की टेंशन इस वक्त बढ़ा दी है। और लगातार सिर्फ यह एक मिसाइल टेस्ट नहीं डीआरडीओ ने लगातार ऐसे कई धमाके किए हैं पिछले कुछ दिनों में जिसने दुश्मन देशों की चिंता को बढ़ा कर रख दिया है।
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