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    बृजभूषण बोले- हम भार नहीं... 2027-29 में दिखा देंगे:बिहार में कहा- आजादी सिर्फ गांधी जी ने नहीं दिलाई, संविधान सिर्फ बाबा साहब ने नहीं दिया... क्षत्रिय नजरअंदाज हुए

    3 hours ago

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    कैसरगंज सीट से पूर्व सांसद और अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने सभी राजनैतिक दलों को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने बिहार के भागलपुर टाउन हॉल में बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव के दौरान कहा- आज की सरकारों की निगाहों में हमारा कोई अस्तित्व नहीं… हम अनुपयोगी लगते हैं… अगर किसी को ऐसा लगता है कि हम भार बन चुके हैं तो बस एक बार कह दो कि हमारी जरूरत नहीं। 2027 या 2029… जब भी मन करे आकर कह दो... हम दिखा देंगे कि हमारी उपयोगिता है या नहीं। पूर्व सांसद ने क्षत्रियों को नजरअंदाज करने की बात भी मंच से कही। महात्मा गांधी और बाबा भीमराव अंबेडकर पर सवाल उठाया। कहा- देश की आजादी में हमारे बलिदान को नजरअंदाज कर दिया गया। कहा- संविधान संसद में 242 सांसद थे, पर सारा श्रेय सिर्फ बाबा भीमराव अंबेडकर को दे दिया गया। चाहे किसी को बुरा लगे, पर मैं ये बात बेखौफ बोलूंगा। बृजभूषण ने कहा- हमारी गलती है कि जब-जब हमें दबाया गया, नजर अंदाज किया गया, हम मौन रहे। इसीलिए आज हमें अनउपयोगी माना जा रहा है। ये हमारा अपराध है कि हम अपने महापुरुषों कुंवर सिंह, महाराजा देवी बक्श सिंह, झांसी की रानी, बिरसा मुंडा और अन्य क्रांतिकारियों को उनका उचित स्थान नहीं दिलवा सके। अब पढ़िए बृजभूषण के 5 प्रमुख बयान.… “आजादी का श्रेय कुछ लोगों तक सीमित कर दिया गया” पूर्व सांसद ने कहा कि देश की आजादी का श्रेय केवल कुछ लोगों तक सीमित कर दिया गया, जबकि कई क्रांतिकारियों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा- आजादी का क्रेडिट न झांसी की रानी को दिया गया, न कुंवर सिंह को, न महाराजा देवी बक्श सिंह को, न माझी को और न ही बिरसा मुंडा को दिया गया। सिर्फ एक व्यक्ति को दिया गया, सिर्फ एक ही नारा गूंजा- साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल। बृजभूषण ने एक दोहा पढ़ा- “नहीं पाप का भागी केवल व्याध, केवल जो तटस्थ है, जो मौन है समय लिखेगा उनका भी अपराध।'' कहा- उस समय समाज का मौन रहना घातक साबित हुआ। ये हमारा अपराध है कि हम अपने महापुरुषों को उनका उचित सम्मान ना दिला सके। संविधान का श्रेय अकेले बाबा साहब को ही क्यों? बृजभू‌षण ने कहा- संविधान निर्माण को लेकर भी गलत धारणा बनाई गई। संविधान सभा में 242 सांसद थे, केवल बाबा साहब भीमराव अंबेडकर नहीं थे। आज एक बार फिर बिहार की धरती पर खड़ा होकर जिम्मेदारी से कहता हूं। उस समय संविधान सभा में बिहार के लोगों की संख्या सबसे अधिक थी। पर बिहारियों को श्रेय नहीं मिला। जिसको बुरा लगा हो, आओ चर्चा कर लो। भगवान राम, बप्पा रावल और महाराणा प्रताप का जिक्र समाज से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए बृजभूषण ने कहा- अगर आप भगवान राम के बताए रास्ते पर चले होते, बप्पा रावल के बताए रास्ते पर चले होते या महाराणा प्रताप के रास्ते पर चले होते, तो आज आप अनउपयोगी न होते। आज सरकारों की नजरों में आपका कोई अस्तित्व नहीं है। “2023 में मेरे खिलाफ विश्वव्यापी षड्यंत्र हुआ” अपने खिलाफ हुए विवादों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- वर्ष 2023 में मेरे साथ एक विश्वव्यापी षड्यंत्र हुआ था, लेकिन मैं नहीं झुका। मैं सामने वाले को नहीं जानता था, लेकिन अपने आप को जानता था। उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की कविता का पढ़ी- “है कौन काम ऐसा जग में टिक सके आदमी के मन में… जिसने मरना सीख लिया है जीने का अधिकार उसी को।” इसके साथ हनुमान चालीसा की चौपाई भी पढ़ी- “जय हनुमान ज्ञान गुण सागर… कहा- रामधारी सिंह दिनकर को मानने वाला, बजरंगबली को पूजने वाला व्यक्ति कहां झुकेगा? वीर कुंवर सिंह का अनुयायी कहां झुकेगा? समय समझाने का नहीं, अपनी ताकत पहचानने का अपने संबोधन के अंत में उन्होंने समाज से आह्वान किया। कहा- आज हमें अपनी कमी तलाशनी है और अर्जित करना है। बल, बुद्धि और विद्या। ये तीन चीज हर हाल में अर्जित करनी होंगी। समाज को न निराश होने की जरूरत है और न ही डरने की। यह समय ज्यादा समझाने का नहीं बल्कि अपनी ताकत पहचानने का है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… सरकार बनी तो सपा कैसे 300 यूनिट फ्री बिजली देगी:सालाना 82 हजार करोड़ का बोझ पड़ेगा, यह यूपी के टॉप-10 विभागों के बजट से ज्यादा यूपी में बिजली को लेकर सियासत तेज हो गई है। एक ओर सरकार स्मार्ट मीटर को लेकर बैकफुट पर नजर आ रही है। वहीं, अखिलेश यादव ने सपा सरकार बनने पर 300 यूनिट बिजली फ्री देने का ऐलान किया है। अगर सपा सरकार बनती है, तो मौजूदा बिजली बिल राहत योजनाओं समेत फ्री बिजली स्कीम लागू करने पर करीब 82 हजार करोड़ का बोझ सरकारी खजाने पर पड़ेगा। यह यूपी सरकार के टॉप-10 विभागों के सालाना बजट से ज्यादा है। पूरी खबर पढ़िए…
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