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    बिजनौर में क्लीनिक में घुसकर झोलाछाप डॉक्टर की हत्या:बेटे की जांच रिपोर्ट दिखाने आए बदमाश ने मारी गोली, सुबह से दो बार कर चुका था रेकी

    13 hours ago

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    यूपी के बिजनौर में मरीज बनकर आए बदमाश ने झोलाछाप डॉक्टर की। बाइक सवार हमलावर मरीज का तीमारदार बनकर शिवालय हेल्थ केयर सेंटर पहुंचा था। अंदर केबिन में अस्पताल संचालक डॉ. राजकुमार मरीज देख रहे थे। हमलावर ने अपने दो साल के बेटे की जांच रिपोर्ट्स बैग से निकालकर रखी। डॉ. राजकुमार रिपोर्ट्स देख ही रहे थे कि साथी डॉक्टर, स्टाफ और मरीजों के सामने ही आरोपी ने बैग से तमंचा निकालकर फायरिंग कर दी। गोली डॉ. राजकुमार के पेट से गर्दन को चीरते हुए पार कर गई। इसके बाद आरोपी तमंचा लहराते हुए मौके से फरार हो गया। स्टाफ और मरीजों की उसे पकड़ने की हिम्मत तक नहीं हुई। लहूलुहान डॉ. राजकुमार को नजदीकी सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हॉस्पिटल स्टाफ ने बताया- हमलावर सुबह से ही रेकी कर रहा था। पहले भी सुबह से दो बार अस्पताल आ चुका था। तीसरी बार आकर उसने हत्या कर दी। मूलरूप से गाजियाबाद निवासी डॉ. राजकुमार 4 साल पहले बिजनौर आए थे। पहले पार्टनर के साथ एक अस्पताल खोला। ढाई साल पहले अलग होकर अपना खुद का अस्पताल चलाने लगे। दो मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर क्लीनिक था, पहली मंजिल पर वे अकेले रहते थे। अविवाहित थे। एसपी ग्रामीण प्रकाश कुमार का कहना है- एक सीसीटीवी फुटेज मिला है। आरोपी की पहचान कर ली गई है। हत्या का कारण अब तक नहीं पता चल सका है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए... अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए... गाजियाबाद के के नंदग्राम थाना क्षेत्र के डी-ब्लॉक के मूल निवासी डॉ. राजकुमार (38) पिछले ढाई साल से बिजनौर में जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर नगीना थाना क्षेत्र के धामपुर रोड पर शिवालय हेल्थ केयर सेंटर संचालित करते थे। दो मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर क्लीनिक था, जबकि फर्स्ट फ्लोर पर वे अकेले रहते थे। अविवाहित थे। हेल्थ विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डॉ. राजकुमार के पास एमबीबीएस डिग्री नहीं थी, वे झोलाछाप डॉक्टर थे। क्लीनिक का भी कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था। सहयोगी डॉ. मूसा ने बताया- गुरुवार शाम मैं और डॉ. राजकुमार केबिन में बैठकर मरीज देख रहे थे। क्लीनिक में 5 स्टाफ और 3 मरीज मौजूद थे। इसी दौरान शाम करीब 6:45 बजे करीब 25 वर्ष उम्र का एक युवक बाइक से आया। उसके कंधे पर बैग टंगा था और सिर पर कैप पहले हुए था। युवक ने पहले रिसेप्शन पर अप्वाइंटमेंट के लिए बात की। बोला- अपने दो साल के बेटे की जांच रिपोर्ट्स दिखानी हैं। इसके बाद वह केबिन में आया और बैग निकाल कर डॉ. राजकुमार को रिपोर्ट्स दिखाने लगा। डॉ. राजकुमार रिपोर्ट्स देख ही रहे थे, तभी आरोपी ने बैग से असलहा निकाला और फायर कर दिया। गोली डॉ. राजकुमार के पेट से होकर गर्दन को चीरते हुए बाहर निकल गई। मैंने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की तो उसने मुझ पर ही तमंचा तान दिया। इसके बाद क्लीनिक में असलहा लहराते हुए अपनी बाइक छोड़कर पैदल ही भाग निकला। डॉ. राजकुमार को तुरंत नगीना सीएचसी लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एसपी ग्रामीण प्रकाश कुमार, सीओ डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी, थाना प्रभारी नगीना अवनीश मान पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। सुबह से दो बार कर चुका था रेकी सहयोगी डॉ. मूसा ने बताया- आरोपी सुबह से ही रेकी कर रहा था। एक बार सुबह में करीब 10 बजे आया था। पर बिना दिखाए चला गया। घटना से 20 मिनट पहले भी शाम करीब 6:20 बजे आरोपी क्लीनिक में आया था और केबिन में झांक कर चला गया था। तीसरी बार जब वह आया तो मैंने उसे पहचान लिया था। सीसीटीवी से हुई पहचान, दो टीमें गठित एसपी ग्रामीण प्रकाश कुमार ने बताया- क्लीनिक के बाहर लगे एक सीसीटीवी में बदमाश का फुटेज रिकॉर्ड हुआ है। बाइक भी बरामद हुई है। आरोपी की पहचान धामपुर थाना क्षेत्र के तिबड़ी गांव निवासी विकास उर्फ छोटू (25) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। 4 साल पहले आए थे बिजनौर, पाटर्नर से अलग होकर खोला अपना अस्पताल पुलिस अधिकारियों ने बताया- डॉ. राजकुमार पहले गाजियाबाद में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करते थे। 4 साल पहले बिजनौर आए थे। यहां अपने पार्टनर नीरज चौहान के साथ एक क्लीनिक खोला। ढाई साल पहले पार्टनर से अलग होकर अपना अलग अस्पताल खोल लिया। वे खुद को बाल रोग विशेषज्ञ बताते थे। हेल्थ विभाग से पता चला है कि वे रजिस्टर्ड प्रैक्टिसनर नहीं थे। एमबीबीएस डिग्री नहीं थे। ना ही क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन था। सुपारी किलिंग की भी आशंका अस्पताल के स्टाफ ने बताया- क्लीनिक अच्छी चल रही थी। किसी से कोई विवाद नहीं था। हालांकि पुलिस प्रेम संबंध, पैसे के लेनदेन, इलाज के दौरान बच्चे की मौत की रंजिश या सुपारी किलिंग समेत कई एंगल पर जांच कर रही है। ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… फार्च्यूनर की टक्कर में डॉक्टर के भाई की भी मौत:गोरखपुर में खुद को भावी ब्लॉक प्रमुख बताता था आरोपी, गिरफ्तारी के बाद भी रंगबाजी गोरखपुर के बेकाबू फॉर्च्यूनर की चपेट में आए डॉक्टर के भाई उमेश शर्मा (50) की भी देर रात एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह बहन के घर होली मिलकर स्कूटी से घर वापस आ रहे थे। रास्ते में बेकाबू ब्लैक फॉर्च्यूनर की चपेट में आकर वह कोमा में चले गए थे। जिसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। गुरुवार देर रात उनकी मौत हो गई। चार मार्च मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर फॉर्च्यूनर की टक्कर से MBBS छात्र आकाश पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद छात्र की बॉडी रेलिंग पर 30 मिनट तक लटकी रही थी। पढ़ें पूरी खबर…
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