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    बाल विवाह और बाल यौन शोषण पर जागरूकता कार्यशाला:देहात इंडिया ने श्रावस्ती को बाल विवाह मुक्त बनाने की मुहिम तेज की

    11 hours ago

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    श्रावस्ती जिले के मलंग गांव में बाल विवाह और बाल यौन शोषण पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य बच्चों के सुरक्षित भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा करना था। इस कार्यक्रम का संचालन देहात इंडिया संस्था ने 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन' के सहयोग से किया। देहात इंडिया के जिला समन्वयक मोहम्मद यूसुफ ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने बच्चों के प्रति बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज को जागरूक और सजग रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। यूसुफ ने बालिकाओं को उनकी रुचि और कौशल के अनुसार प्रशिक्षण से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में उपनिरीक्षक महिमा सिंह ने बच्चों की सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने 'गुड टच' और 'बैड टच' के महत्व को समझाया और कहा कि बच्चों को बचपन से ही सही और गलत स्पर्श की पहचान सिखाई जानी चाहिए। सिंह ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के साथ खुलकर संवाद स्थापित करें, जिससे बच्चे किसी भी असहज घटना की जानकारी बिना किसी डर के साझा कर सकें। देहात इंडिया के हंसराम ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की सूचना देना अनिवार्य है और दोषियों के लिए कानून में कड़ी सजा का प्रावधान है। हंसराम ने ग्रामीणों से ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की। इस दौरान एक किशोरी ने बाल विवाह रोकने के उपायों पर अपने विचार व्यक्त किए। उसने कहा कि शिक्षा और जागरूकता ही इस कुरीति को समाप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम के समापन पर संस्था ने उपस्थित बालिकाओं को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यशाला का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि समाज मिलकर बाल विवाह और बाल यौन शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करेगा। साथ ही, हर बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक बचपन प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
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