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    ब्लैकलिस्ट वाहन को रिलीज करने वाले वरिष्ठ सहायक निलंबित:परिवहन आयुक्त ने जांच के लिए तीन अफसरों की कमेटी बनाई, 5 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश

    1 hour ago

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    उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में ब्लैकलिस्ट वाहन को डी-ब्लैकलिस्ट किए जाने के मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। कार्यालय परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा कानपुर नगर में तैनात वरिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वाहन संख्या UP-71 AT 0881 को पहले ब्लैकलिस्टेड घोषित किया गया था। लेकिन खनन निदेशक के 12 फरवरी के पत्र के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की गई। क्या है पूरा मामला? आरोप है कि ब्लैकलिस्टेड वाहन को नियमों की अनदेखी करते हुए डी-ब्लैकलिस्ट/रिलीज कर दिया गया। Jis वाहन पर पहले कार्रवाई की गई थी और उसे ब्लैकलिस्ट श्रेणी में रखा गया था। इसके बावजूद बिना संबंधित अधिकारी के अनुमति के उसे ब्लैकलिस्ट से मुक्त कर दिया गया। वही इस प्रकरण को गंभीर प्रशासनिक त्रुटि मानते हुए परिवहन आयुक्त कार्यालय ने जिम्मेदारी तय करते हुए वरिष्ठ सहायक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी। निलंबन अवधि में वेतन-भत्तों पर असर जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में प्रदीप कुमार दीक्षित को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यदि वे किसी अन्य सेवा, व्यवसाय या व्यापार में संलग्न नहीं पाए जाते हैं तो नियमानुसार भत्ते का भुगतान किया जाएगा।निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ ही होगा। तीन सदस्यीय जांच समिति गठित मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति में संजय सिंह, उप परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन), - अध्यक्ष राम रतन सोनी, उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र), कानपुर - सदस्य नरेश कुमार वर्मा, सहायक परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन),- सदस्य समिति को निर्देश दिया गया है कि सभी तथ्यों और अभिलेखों की जांच कर 5 कार्यदिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करें।
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