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    बलिया में भाकपा माले का प्रदर्शन:जेएनयू छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई का विरोध, राष्ट्रपति को ज्ञापन

    2 hours ago

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    भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के सदस्यों ने शनिवार को बलिया जिला कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि को सौंपा। यह प्रदर्शन जेएनयू छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया। पार्टी सदस्यों ने बताया कि जेएनयू छात्रसंघ और छात्र यूजीसी रेगुलेशन पर रोक के खिलाफ आंदोलनरत हैं। 22-23 फरवरी की रात को जेएनयू प्रशासन और सत्ता समर्थित तत्वों द्वारा धरना दे रहे छात्रों पर हमला किया गया था। जेएनयू कुलपति की विवादास्पद टिप्पणी और छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन के प्रति प्रशासन का गैर-जिम्मेदाराना रवैया दर्शाता है कि वे इन मुद्दों को हल करने के प्रति गंभीर नहीं हैं। इसके बाद, छात्रों ने 26 फरवरी को शिक्षा मंत्रालय से इन मुद्दों को हल करने का आग्रह करने के लिए एक शांतिपूर्ण कार्यक्रम घोषित किया था। हालांकि, पुलिस ने जेएनयू के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और बैरिकेडिंग कर छात्रों को जबरन रोक दिया। शिक्षा मंत्री से बातचीत कराने का भी कोई प्रयास नहीं किया गया। इसके बजाय, छात्रों के साथ बर्बरता की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए छात्रों में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति, उपाध्यक्ष गोपिका, जॉइंट सेक्रेटरी दानिश, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष नीतीश कुमार और आइसा राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा सहित कुल 14 छात्र शामिल थे, जिन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया। भाकपा (माले) ने इस तरह की अलोकतांत्रिक कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि यूजीसी रेगुलेशन पर रोक को निरस्त किया जाए। सरकार यूजीसी रेगुलेशन को और अधिक जवाबदेह, जिम्मेदार और प्रभावी बनाकर लागू करे। इसमें चुने हुए छात्रों और नागरिक समाज के लोगों का प्रतिनिधित्व भी शामिल किया जाए, ताकि जातिगत उत्पीड़न के मामलों में बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई और सुनवाई हो सके। पार्टी ने रोहित एक्ट लागू करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, जेएनयू में जेल भेजे गए सभी छात्र नेताओं को तत्काल बिना शर्त रिहा करने और जातिवादी जेएनयू कुलपति को बर्खास्त करने की मांग की गई। छात्रों पर लाठी चलाने वाले पुलिस अधिकारियों को दंडित करने की भी अपील की गई।
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