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    Iran पर इजरायल ने अचानक क्यों किया भीषण हमला? तेहरान के लिए क्या है अमेरिका का 4 दिनों वाला मिशन

    3 hours from now

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    सुबह होते-होते आसमान में धुआं, सायरनों की आवाज और अचानक बंद होता एयर स्पेस। यह कोई चेतावनी नहीं थी। यह सीधा सैन्य टकराव है। इजराइल ने दावा कर दिया है कि उसने प्रीमिएटिव स्ट्राइक यानी पहले हमला करने की रणनीति के तहत ईरान पर सैन्य कारवाई की है और इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में आपातकाल यानी इमरजेंसी जैसे हालात बन गए हैं। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ड्स ने आधिकारिक बयान जारी कर दिया है और देश भर में विशेष आपातकाल यानी इमरजेंसी लागू कर दिया है। उधर इजराइली सेना यानी कि इज़राइल डिफेंस फोर्सेस ने नागरिकों को चेतावनी दे दी है कि सुरक्षित स्थानों पर रहें और मिसाइल हमले की आशंका जताई जा रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका भी इस ऑपरेशन में शामिल था।इसे भी पढ़ें: Fall of safe haven: मीडिल ईस्ट के सबसे शांत देश पर हमला, 'सुरक्षित ठिकाने' की इमेज को ईरान ने धुंआ-धुंआ किया यूनाइटेड स्टेट्स के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर US के हमले को कन्फर्म करते हुए कहा कि यह ईरान को अपना न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर फिर से बनाने से रोकने की कोशिश थी। अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट से एक वीडियो शेयर करते हुए, अमेरिकी प्रेसिडेंट ने कहा कि अगर ईरान की मौजूदा सरकार अपने हथियार नहीं डालती है, तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। हमलों के बाद ट्रंप का मैसेज आया, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के सदस्यों, आर्म्ड फोर्सेज़ और सभी पुलिसवालों से मैं आज रात कहता हूं कि आपको अपने हथियार डाल देने चाहिए और पूरी इम्यूनिटी लेनी चाहिए, वरना, पक्की मौत का सामना करना पड़ेगा। इसे भी पढ़ें: Iran पर US-Israel का बड़ा हमला, Khamenei के ऑफिस पर बम! क्या तेहरान से भाग गए सुप्रीम लीडर?इन हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के ऑफिस और ईरानी राष्ट्रपति समेत ज़रूरी सरकारी और मिलिट्री जगहों को निशाना बनाया गया। हालांकि, यह ताज़ा तनाव स्विस शहर जिनेवा में हुई तीसरे राउंड की बातचीत के बाद हुआ, जिसे ओमान ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करते हुए मामला सुलझने की उम्मीद जताई थी। हालांकि  ईरान के न्यूक्लियर मटीरियल को बढ़ाने पर एक रिपोर्ट अचानक से इजरायल और अमेरिका के अटैक की वजह हो सकते हैं। यह बातचीत ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़ी है, जिसके बारे में तेहरान का दावा है कि यह सिविलियन मकसद के लिए है, लेकिन अमेरिका और इज़राइल का मानना ​​है कि यह हथियार बनाने के लिए है।इसे भी पढ़ें: 8 देशों पर भीषण अटैक, Iran ने एक साथ दागी 400 मिसाइलेंहालांकि कई घंटों तक चली बातचीत में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से कोई डील नहीं हो पाई, लेकिन ईरान और अमेरिका दोनों ने फिलहाल बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है। ओमान के विदेश मंत्री, बद्र अलबुसैदी, जो बीच-बचाव कर रहे थे, ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपनी राजधानियों में सलाह-मशविरे के बाद "जल्द" बातचीत फिर से शुरू करने की योजना बनाई है, और अगले हफ्ते ऑस्ट्रिया के शहर वियना में टेक्निकल लेवल की बातचीत होगी। एक इजरायली अधिकारी ने चार दिनों तक हमला करते रहने की तैयारी की बात करते हुए कहा कि शुरुआती चार दिनों तक संयुक्त रूप से तीव्र हमलों की तैयारी चल रही है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि ‘अगले दिन तेहरान पहले जैसा नहीं दिखेगा।
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