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    बाराबंकी में सड़क हादसे में आलू व्यापारी की मौत:देवा जा रही कार तालाब में डूबी, दो साल की बेटी गंभीर; बच्ची की चीख-पुकार सुनकर बचाने पहुंचे लोग

    3 hours ago

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    फतेहपुर में सोमवार की दशरथपुर गांव के पास देंवा रोड पर हुए भीषण सड़क हादसे में 30 वर्षीय आलू व्यापारी सोहराब उर्फ इरशाद की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी दो वर्षीय मासूम बेटी आफरीन गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार की खुशियों के उजड़ने की कहानी बन गया। इसरौली गांव निवासी सोहराब रविवार की शाम कस्बे के मोहल्ला नालापार उत्तरी में स्थित अपनी ससुराल गए थे। रात वहीं रुकने के बाद सोमवार सुबह करीब 5 बजे वह अपनी दो साल कि नन्हीं बेटी आफरीन को साथ लेकर घर लौट रहे थे। सुबह का वक्त, सुनसान सड़क और घर पहुंचने की जल्दबाजी—इन सबके बीच किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। घर से महज दो किलोमीटर पहले उनकी आई-10 कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे खारजा में जा पलटी। हादसा इतना भयानक था कि कार के चारों पहिए ऊपर हो गए और अंदर बैठे पिता-पुत्री फंस गए। 2 तस्वीरें देखिए - कुछ देर तक मौके पर सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन तभी मासूम बच्ची की दर्दभरी चीखों ने खेतों को जा रहे का दिल दहला दिया। लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को कार से बाहर निकाला। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सोहराब को मृत घोषित कर दिया। वहीं मासूम आफरीन को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। इस हादसे की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। मृतक के पिता मोहम्मद शमी की हालत बेहद खराब है। सोहराब अपने पिता के साथ मिलकर आलू का व्यवसाय करते थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। वह पांच भाइयों में से एक थे और घर के बेहद जिम्मेदार सदस्य माने जाते थे। उनकी असमय मौत ने न सिर्फ परिवार की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी, बल्कि पत्नी शामरीन और मासूम बेटी के जीवन में ऐसा खालीपन छोड़ दिया, जिसे शायद कभी भरा नहीं जा सकेगा। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को जेसीबी की मदद से बाहर निकलवाया और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं परिजन शव को अपने साथ घर ले गए, जहां अंतिम दर्शन के दौरान हर आंख नम दिखी। यह हादसा एक कड़वा सच भी सामने लाता है कि सड़क पर एक छोटी सी चूक या लापरवाही किस तरह एक पूरे परिवार को तबाह कर सकती है। आज सोहराब नहीं हैं, लेकिन उनकी मासूम बेटी की चीखें और पिता का दर्द पूरे इलाके में गूंज रहा है। यह घटना हर किसी को झकझोर कर सोचने पर मजबूर कर रही है।
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