Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बरेली का रुहेलखंड विश्वविद्यालय बना ग्लोबल अकादमिक सेंटर:51 वर्षों में क्षेत्रीय पहचान से आगे बढ़ा संस्थान

    19 hours ago

    1

    0

    महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) ने अपने 51वें स्थापना दिवस पर खुद को एक क्षेत्रीय संस्थान से उभरते वैश्विक अकादमिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की घोषणा की है। बरेली स्थित इस विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। 15 फरवरी 1975 को स्थापित यह विश्वविद्यालय आज रुहेलखंड के नौ जिलों के हजारों छात्रों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन गया है। बीते वर्षों में इसने अंतरराष्ट्रीय सहयोग, डिजिटल प्रणालियों और शोध उत्पादन के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) मूल्यांकन में 3.6 स्कोर के साथ ए++ ग्रेड हासिल किया है। यह उपलब्धि संस्थान को प्रदेश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में शुमार करती है, जो गुणवत्ता, शोध और प्रशासनिक व्यवस्था का प्रमाण है। शोध और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। इसने ब्लॉकचेन आधारित डिग्री स्टोरेज सिस्टम लागू किया है। एक वर्ष में 44 विषयों में 110 पीएचडी डिग्रियां प्रदान की गई हैं, और 1700 से अधिक शोध प्रबंध राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए हैं। ये कदम विश्वविद्यालय को डिजिटल विश्वसनीयता और वैश्विक मान्यता की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। पीएम उषा योजना के तहत 100 करोड़ रुपये का अनुदान मिलने से विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली है। कैंपस में नई रिसर्च लैब और इनोवेशन हब विकसित किए जा रहे हैं। उद्यमिता और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक सक्रिय इनक्यूबेशन सेंटर भी मौजूद है। शैक्षणिक सहयोग के लिए अमेरिका, यूक्रेन, ताइवान और इज़राइल के संस्थानों के साथ समझौते किए गए हैं। इन समझौतों से छात्र-शोधार्थी आदान-प्रदान और संयुक्त परियोजनाओं के अवसर बढ़े हैं। शुरुआत में गिने-चुने पाठ्यक्रमों से शुरू हुआ यह संस्थान अब 55 से अधिक पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है। इंजीनियरिंग, प्रबंधन, विधि, शिक्षा और होटल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में विस्तार ने इसे एक बहु-विषयक विश्वविद्यालय बना दिया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाईवे पर कार की टक्कर से व्यक्ति की मौत:बडकली कट के पास हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी
    Next Article
    बुलंदशहर में लापता प्रधान का शव मिला:7 फरवरी को घर से निकले थे, परिजन बोले- हत्या की गई है

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment