Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बरेली साइबर पुलिस ने 34 लाख रुपये वापस दिलाए:तीन पीड़ितों को '1930' पर शिकायत से मिली राहत

    17 hours ago

    1

    0

    बरेली साइबर क्राइम थाना पुलिस ने साइबर ठगी के तीन पीड़ितों को शनिवार को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने समय पर मिली शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए उनके 34 लाख रुपये वापस दिलाए हैं। यह राशि विभिन्न साइबर धोखाधड़ी मामलों में पीड़ितों के खातों से निकाली गई थी। किला मालगोदाम रोड निवासी गौरव शर्मा गैस कनेक्शन के नवीनीकरण के नाम पर भेजे गए एक फर्जी लिंक का शिकार हो गए। लिंक खोलते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और उनके खाते से 11.90 लाख रुपये निकाल लिए गए। गौरव ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर होते पाया गया, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर पूरी राशि वापस कराई गई। इसी तरह, महानगर कॉलोनी निवासी राजेश कुमार को निवेश का झांसा देकर 17 लाख रुपये की ठगी की गई थी। साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच के दौरान संबंधित खातों को फ्रीज कर दिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजेश कुमार को भी उनकी पूरी रकम वापस मिल गई। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग निवासी और सेना में नायब सूबेदार प्रदीप कंडारी भी प्रशिक्षण के दौरान साइबर अपराधियों का शिकार बने। उनके मोबाइल को हैक कर खाते से 5.11 लाख रुपये निकाल लिए गए थे। बरेली साइबर पुलिस ने गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल के माध्यम से समन्वय स्थापित किया और न्यायालय के आदेश के बाद उनकी राशि भी वापस कराई। साइबर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय और उनकी टीम ने तीनों पीड़ितों को थाने बुलाकर धनवापसी संबंधी प्रमाणपत्र प्रदान किए। एसपी सिटी मानुष पारीक ने इस अवसर पर लोगों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को फ्रीज कर पीड़ित को वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    रूहेलखंड विश्वविद्यालय की नई पहल:गोद लिए गांवों के बच्चों की प्रतिभा दीक्षांत समारोह तक
    Next Article
    ग्राम चौकीदारों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन:मानदेय वृद्धि और शोषण रोकने की मांग की

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment