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    बरेली सिटी मजिस्ट्रेट आवास पर 22.73 लाख का बिजली बकाया:वसूली के लिए आरसी जारी, प्रशासन पर उठे सवाल

    20 hours ago

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    बरेली के एडीएम कंपाउंड स्थित सिटी मजिस्ट्रेट आवास एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार वजह करीब 22.73 लाख रुपये का बिजली बकाया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के वाणिज्यिक अनुभाग-दो, रामपुर गार्डन के अधिशासी अभियंता ने इस देनदारी को भू-राजस्व की तरह वसूलने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। पत्र के आधार पर जिला प्रशासन ने वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी कर दिया है। जानकारी के अनुसार, यह बकाया सिटी मजिस्ट्रेट राजस्व (आवास) के नाम दर्ज है। मामले के सामने आने के बाद कलक्ट्रेट में फाइलों की जांच-पड़ताल तेज कर दी गई है। प्रशासनिक स्तर पर अधिकारी फिलहाल खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन अंदरखाने मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल बिजली बिल की वसूली का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी परिसंपत्तियों के रखरखाव, निगरानी और जवाबदेही से जुड़ा अहम मुद्दा भी है। इतने बड़े बकाये ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं कि आखिर समय रहते देनदारी क्यों नहीं निपटाई गई। यह वही सरकारी आवास है जो इससे पहले भी चर्चा में रह चुका है। 26 जनवरी को तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इसी आवास से इस्तीफा देकर प्रदेश स्तर पर राजनीतिक बहस छेड़ दी थी। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के खिलाफ पोस्टर जारी किए थे और प्रयागराज में शंकराचार्य से जुड़े कथित प्रकरण पर खुलकर बयान दिए थे। उस घटनाक्रम के बाद यह आवास पहले ही एक राजनीतिक प्रतीक बन चुका था। अब उसी पते पर भारी-भरकम बिजली बकाया की वसूली प्रक्रिया शुरू होने से प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। आरसी जारी होने के बाद आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार वसूली प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, जबकि जानकार मान रहे हैं कि मामले की पूरी पड़ताल के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
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