Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बर्थडे पार्टी के बहाने धर्मांतरण का आरोप, 4 गिरफ्तार:पुलिस का दावा- बीमारी दूर करने और पैसों का दिया जाता था लालच

    1 day ago

    1

    0

    आगरा पुलिस ने बर्थडे पार्टी में बुलाकर चंगाई सभा में धर्मांतरण कराने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जन्मदिन के बहाने महिला और पुरुषों को बुलाकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाते थे। इसके अलावा पैसों की मदद बीमारी दूर करने के प्रलोभन देकर लोगों को एकत्रित किया जाता था। प्रत्येक धर्मांतरण पर आरोपियों को रकम दी जाती थी। एक्सेल फाइल पर पूरा रिकॉर्ड रखा जाता था। इनमें विनीत वेदी निवासी जयपुर, बंटू निवासी धौलपुर, मुखराज निवासी थाना खेरागढ़ एवं प्रताप निवासी थाना सैंया आगरा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। ग्रुप में 200 से अधिक लोग जुड़े डीसीपी आदित्य सिंह के मुताबिक, ग्रुप में 200 से अधिक लोग जुड़े हैं, जिसमें 50 लोग आगरा के हैं। मुख्य आरोपी विनीत वेदी लगभग दस वर्ष से जुड़ा है। सैंया के गांव जोधापुरा निवासी प्रताप के घर में गांव की महिलाओं समेत एक दर्जन से अधिक लोग जुटे थे। ग्नल एप के माध्यम से आपस में जुड़े थे पुलिस द्वारा मौके से प्रताप, विनीत वेदी, मुखराज और बंटू से पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने आरोपित प्रताप कुशवाह की मां चंद्रवती का एक वर्ष पहले धर्मांतरण करके ईसाई बनाया था। सभी सिग्नल एप के माध्यम से आपस में जुड़े थे। आरोपी गांव के एक व्यक्ति के घर को संपर्क स्थल के रूप में इस्तेमाल करते थे। वहां महिला-पुरुषों को एकत्र कर धर्म परिवर्तन से जुड़ी शिक्षाएं दी जाती थीं। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले ऐसे व्यक्तियों और परिवारों को टारगेट करते थे जो व्यक्तिगत, पारिवारिक, आर्थिक और स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान हों। उनसे संपर्क कर प्रार्थना और छोटी-मोटी मदद के जरिए विश्वास जीतते थे। विश्वास कायम होने के बाद आर्थिक सहायता, बीमारी ठीक होने और अन्य लाभ का लालच देकर उन्हें धार्मिक गतिविधियों और फिर चंगाई सभाओं से जोड़ते थे। लिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कई सोशल मीडिया ग्रुप्स से जुड़े थे। इन ग्रुप्स के माध्यम से उन्हें नए लोगों को जोड़ने का टारगेट और दिशा-निर्देश मिलते थे। टारगेट पूरा करने पर उन्हें फंडिंग दी जाती थी। आरोपी पिछले कई वर्षों से इस काम में लगे थे। इनका 6 से 8 चरणों का पूरा कोर्स होता था। आगरा के आरोपियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई थी। आर्थिक तंगी के चलते ये इस पेशे में आए और लोगों का धर्म परिवर्तन कराने लगे। ये गिरोह यूपी, एमपी, राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली समेत करीब 6 राज्यों में सभाएं कर धर्मांतरण कराता था। ऐसे काम करता था गिरोह टारगेट की पहचान -> संपर्क -> समस्या जानकर विश्वास कायम करना -> प्रार्थना और आर्थिक मदद -> बीमारी ठीक होने का लालच -> धार्मिक सभा में जोड़ना -> शिक्षाएं देना -> धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करना -> नए लोगों को जोड़ने के लिए तैयार करना।
    Click here to Read more
    Prev Article
    वाराणसी STF ने गुवाहटी से दबोचा 50 हजार का इनामिया:हत्यारोपी के नक्सली संगठन से जुड़े तार, 12 साल से फरार था
    Next Article
    फेमस अमेरिकी यूट्यूबर मिस्टर बीस्ट पहुंचे ताजमहल:पत्नी संग किया ताज का दीदार, पर्यटकों में मची फोटो लेने की होड़

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment