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    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की अनदेखी पर कांग्रेस का प्रदर्शन:पीलीभीत में कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी, जिले को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की मांग

    1 hour ago

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    पीलीभीत में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की अनदेखी और हर साल होने वाली तबाही को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस का आरोप है कि पीलीभीत जिला हर साल भीषण बाढ़ झेलता है, लेकिन सरकारी आंकड़ों में इसे उचित स्थान नहीं दिया गया है। प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। इसमें कांग्रेस नेताओं ने एक गंभीर तकनीकी विसंगति की ओर ध्यान दिलाया। कुमुद गंगवार ने बताया कि पीलीभीत से गुजरने वाली देवहा नदी हर साल जिले के एक बड़े हिस्से को जलमग्न कर देती है। इससे हजारों एकड़ फसल बर्बाद होती है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। कांग्रेस ने हैरानी जताई कि यही देवहा नदी जब पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर में प्रवेश करती है, तो उसे गर्रा नदी के नाम से जाना जाता है। शाहजहांपुर में इसे आधिकारिक तौर पर बाढ़ के रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। हालांकि, पीलीभीत में, जहां यह नदी बड़े पैमाने पर तबाही मचाती है, इसे सरकारी दस्तावेजों में बाढ़ प्रभावित नदियों की श्रेणी में उचित स्थान नहीं दिया गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि आधिकारिक तौर पर 'बाढ़ प्रभावित' श्रेणी में शामिल न होने के कारण जिले के किसानों और प्रभावित ग्रामीणों को उचित मुआवजा और राहत सहायता नहीं मिल पाती है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पीलीभीत को तत्काल आधिकारिक तौर पर बाढ़ प्रभावित जिलों की सूची में शामिल किया जाए। इसके साथ ही, देवहा नदी के किनारों पर पुख्ता तटबंध बनाए जाएं और बाढ़ से होने वाले नुकसान का पारदर्शी तरीके से सर्वे कर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने इस 'सौतेले व्यवहार' को बंद नहीं किया और जिले को बाढ़ प्रभावित घोषित नहीं किया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और प्रभावित किसान मौजूद रहे।
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