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    चलती कार से ड्रग तस्करी करने वाला रैकेट:प्रयागराज में 1.40 करोड़ की स्मैक बरामद, आसपास के जिलों में भी हो रही थी सप्लाई

    3 hours ago

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    प्रयागराज में पुलिस ने एक ऐसे ड्रग तस्कर रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो चलती कार से स्मैक की तस्करी करता था। इस गिरोह के कब्जे से 1.40 करोड़ की स्मैक बरामद की गई है। गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए सदस्यों ने पूछताछ में बताया है कि रेलवे स्टेशन के पास एक युवक आता है जिसका वह नाम नहीं जानते। उसकी युवक से स्मैक लेकर वह पुड़िया बनाकर शहर के साथ आसपास के जनपदों में भी स्मैक की सप्लाई करते हैं। इसके लिए वह अपने दोस्त की आई10 कार का इस्तेमाल करते थे ताकि किसी को कोई शक न हो। कुख्यात है ताड़बाग मोहल्ला पुलिस ने इनके कब्जे से 727 ग्राम स्मैक बरामद की है। पकड़े गए सदस्यों में सचिन पासी, राहुल कुमार, नितेश कुमार शामिल हैं। तीनों धूमनगंज के ताड़बाग के रहने वाले हैं। यह इलाका ड्रग तस्करी के लिए कुख्यात है। पहले भी यहां से स्मैक तस्करी के मामले पकड़े जा चुके हैं। कुछ दिनों पहले भी इसी इलाके के तीन युवक स्मैक के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे। पुलिस के पास इन सवालों के जवाब नहीं पुलिस रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा कर रही है लेकिन उसके पास कई सवालों के जवाब नहीं हैं। मसलन प्रयागराज में स्मैक तस्कर का सिंडिकेट चलाने वाले का नाम अब तक सामने नहीं आ सका है। स्मैक की खेप कहां से आती थी और उसे किस तरह यहां लाया जाता था। इसका भी जवाब पुलिस नहीं दे सकी। पकड़ा गया सचिन छह साल पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी में जेल गया। इसके बाद भी उसका नाम इसमें आया और सात मुकदमे भी दर्ज हुए। हालांकि उससे सिंडिकेट से जुड़े राज नहीं उगलवाए जा सके। तीन लोग कैसे चला रहे थे नेटवर्क पुलिस को उसने व उसके साथियों ने सिर्फ इतना बताया कि रेलवे स्टेशन के पास आकर एक व्यक्ति उन्हें स्मैक की खेप लाकर देता था। स्मैक तस्करी के उनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इस बारे में भी उन्होंने कुछ नहीं बताया। महज तीन लोग पूरे प्रयागराज और आसपास के जनपदों में कैसे पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे थे, यह भी जानकारी सामने नहीं आ सकी। छह मुकदमे लेकिन हिस्ट्रीशीट नहीं खोली पकड़े गए तीनों सदस्यों पर कुल मिलाकर नौ मुकदमे पहले से हैं। इनमें से सात मुकदमे अकेले सचिन पर ही हैं। इसके बावजूद उसकी हिस्ट्रीशीट नहीं खोली गई। न ही कोई निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इस मामले में डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि आपराधिक प्रवृत्ति वाले ऐसे लोग, जिनका नाम लगातार अनैतिक गतिविधियों में आ रहा है, उनकी हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी का आदेश दिया गया है। हिस्ट्रीशीट क्यों नहीं खोली गई, इस बारे में पता लगाया जाएगा। जल्द ही पूरे नगर क्षेत्र में आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने का अभियान चलाया जाएगा।
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