Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    चंदे से बने पुल का न्यायमूर्ति ने किया लोकार्पण:जनप्रतिनिधियों-प्रशासन को जज का संदेश; जब बना नहीं सकते तो रोकने वाले कौन हो

    9 hours ago

    2

    0

    गाजीपुर के कासिमाबाद तहसील क्षेत्र के क्यामपुर छावनी स्थित मगई नदी पर जनता के चंदे से बने एक पुल का रविवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति शेखर सिंह यादव ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति यादव ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, "तुम बना नहीं सकते, तुम सहयोग नहीं कर सकते, तो जो बना रहे हैं उन्हें रोकने वाले कौन हो?" न्यायमूर्ति ने स्पष्ट किया कि यह पुल जनहित का कार्य है और इसे कोई नहीं छूएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन या कोई अधिकारी गलत करेगा तो उसे भी ऐसा करने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यह जनता की जरूरत है और जो काम जनप्रतिनिधियों तथा शासन को करना चाहिए था, वह जनता कर रही है। आजादी के बाद से इस क्षेत्र के लोग मगई नदी पर बनी कच्ची पुलिया के सहारे आवागमन करने को मजबूर थे। पक्का पुल न होने के कारण दर्जनों गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। ग्रामीणों ने कई बार विधायकों, सांसदों और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस उपेक्षा से नाराज होकर रिटायर्ड फौजी रविंद्र यादव ने पुल निर्माण का बीड़ा उठाया। उन्होंने सबसे पहले अपने स्तर पर आर्थिक सहयोग देकर ग्रामीणों का विश्वास जीता और न्यायमूर्ति शेखर सिंह यादव से भूमि पूजन कराकर निर्माण कार्य शुरू कराया। इसके बाद गांव-गांव से चंदा इकट्ठा हुआ और युवाओं ने श्रमदान कर इस पुल को जनभागीदारी की मिसाल बनाया। हालांकि इस पुल के निर्माण को लेकर मानकों और सुरक्षा पर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि यह बिना सरकारी फंड और तय गाइडलाइन के बना है। इस पर न्यायमूर्ति ने दो टूक कहा, यह पुल जैसा है वैसा ही रहेगा, जरूरत पड़ी तो और बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने विरोध करने वालों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अच्छे काम का विरोध करने वालों के साथ ईश्वर नहीं होता। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इसी तरह जनहित के कार्य करते रहें, क्योंकि अच्छे कार्यों में ईश्वर हमेशा साथ देता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    गोमती नदी में नहाने गए युवक की डूबकर मौत:चचेरे भाई की शादी में मुंबई से आया था, नहाते समय फिसलकर गहराई में गिरा
    Next Article
    चंदौली में अंबेडकर प्रतिमा तोड़ी गई:दूसरी बार हुई घटना पर लोगों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग की

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment