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    चंदौली सिविल बार नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह:बोले- अधिवक्ताओं की सुविधा, भ्रष्टाचार पर लगाम पहली प्राथमिकता

    15 hours ago

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    चंदौली के प्रतिष्ठित सिविल बार एसोसिएशन का अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष डा. वीरेंद्र प्रताप सिंह ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत किया। उन्होने बताया कि जनपद में न्यायिक कार्य सुचारू रखने के साथ ही अधिवक्ताओं और फरियादियों की मूलभूत सुविधाओं को मुकम्मल बनाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। इसके अलावा उन्होने दावा किया कि जनपद के विकास कार्यो का प्रस्ताव तैयार करके प्रतिनिधि मंडल के साथ जल्द सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे, ताकि विकास की मुख्य धारा से कोसो दूर चंदौली की प्रदेश में नई पहचान स्थापित हो सकें। डा. वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए तीन बार लगातार चुनाव लड़ चुके हैं और आखिर में तिसरी बार में उन्हे कामयाबी मिली। इस सफलता का श्रेंय उन्होने सिविल बार के प्रत्येक सदस्य तथा जनपद की आम जनता को दिया हैं। बताया कि कुछ तहसीलों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं। इन जगहों पर सिस्टम को ठीक करने के लिए अधिवक्ताओं के सहयोग से कारगर कदम उठाएंगे। इसके अलावा जनपद में किराए के भवन में संचालित हो रहे सरकारी कार्यालयों के लिए भूमि उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता हैं। क्योकि सरकारी कार्यालयों में किराए के नाम पर भी भारी खेल होता हैं। उन्होने कहा कि लापरवाह अफसरों पर भी उनकी निगाह बनी रहेगी। क्योकि कुछ ऐसे भी अफसर है जो शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं करना चाहते है, बल्कि अपनी सुविधा पर ज्यादा ध्यान देते हैं। संघर्ष से भरा है डा. वीरेंद्र प्रताप सिंह का जीवन आपको बता दें कि सदर कोतवाली के पूरवा गांव निवासी और सिविल बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डा. वीरेंद्र प्रताप सिंह का पूरा जीवन संघर्ष से भरा हैं। इससे पहले डा. वीरेंद्र प्रताप सिंह वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे चुके हैं। काशी विद्यापीठ में भी उन्हे दो बार चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था, लेकिन तिसरी बार में उन्होने विजय श्री हासिल कर लिया था।
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