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    चंदौसी में नोटों से किताबों को तराजू में तोलकर प्रदर्शन:निजी स्कूलों पर 50 प्रतिशत कमीशनखोरी का आरोप, बोले- ₹10 की कॉपी ₹200 में बेच रहे

    3 hours ago

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    चंदौसी में निजी विद्यालयों की मनमानी के विरोध में व्यापारियों ने अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने निजी स्कूलों पर महंगी किताबें, कॉपियां और स्कूल ड्रेस निर्धारित दुकानों से खरीदने का दबाव बनाने तथा 40-50 प्रतिशत कमीशनखोरी का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने ₹10,000 के नोटों से किताबों को तराजू में तोलकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन शुक्रवार शाम 06 बजे जनपद संभल के चंदौसी कोतवाली कस्बा क्षेत्र में अखिल भारतीय युवा उद्योग व्यापार मंडल की युवा इकाई के नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय 'अन्नू' के नेतृत्व में हुआ। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल एनसीईआरटी की किताबों के बजाय निजी प्रकाशन की किताबें खरीदने का दबाव बनाकर अभिभावकों से 40 से 50 प्रतिशत तक कमीशन वसूल रहे हैं। प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है और किताबों-कॉपियों को अत्यधिक ऊँचे दामों पर बेचा जा रहा है। व्यापारियों ने कहा कि निजी विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहा है। नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय 'अन्नू' ने बताया कि स्कूल संचालकों और बुक सेलरों की मिलीभगत से कोर्स में भारी लूट मची है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो कॉपी आमतौर पर ₹10 की आती है, उसे ₹200 तक में बेचा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें नहीं लगाई गई हैं। वार्ष्णेय ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष जिलाधिकारी ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था, लेकिन इसके बावजूद स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद हैं। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि निजी विद्यालयों की यह मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र को व्यापार का माध्यम बनाकर अभिभावकों का शोषण बंद होना चाहिए। प्रदर्शन में नगर महामंत्री शुभम अग्रवाल, मयंक वार्ष्णेय चिंकल, अमित वार्ष्णेय, हर्षित गौड़, अंशुल वार्ष्णेय, गोविन्द वार्ष्णेय, आशीष गुप्ता सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे। व्यापारियों ने निजी स्कूलों की मनमानी नहीं रुकने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
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