Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    चाय-अंडे का ठेला लगाने वाला बना 25 हजार का इनामी:गलत संगत ने बदली अंकित की जिंदगी, शिकोहाबाद में पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया

    3 hours ago

    1

    0

    इटावा के शिकोहाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए 25 हजार के इनामी बदमाश अंकित बाथम उर्फ सीपू की कहानी एक ऐसे युवक की है, जिसने कभी चाय और अंडे का ठेला लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाई थी। लेकिन गलत संगत और अपराधियों के संपर्क में आने के बाद वह अपराध की दुनिया में ऐसा फंसा कि उसके खिलाफ लूट और छिनैती के कई मुकदमे दर्ज हो गए। अंततः वह पुलिस के लिए 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश बन गया। भरथना का रहने वाला था अंकित अंकित उर्फ सीपू इटावा के भरथना थाना क्षेत्र के मोहल्ला मोतीगंज का रहने वाला था। उसके पिता किशनचंद बाथम और मां मीरा देवी का काफी पहले निधन हो चुका है। परिवार में बड़ी बहन आरती की शादी हो चुकी है। बड़ा भाई हरिश्चंद्र कानपुर में मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है, जबकि मझला भाई दीपचंद उर्फ दीपू भरथना में किराये के मकान में चाय की दुकान चलाता है। अंकित परिवार में सबसे छोटा था। पांच साल की उम्र में परिवार के साथ भरथना आया बड़े भाई दीपचंद ने बताया कि अंकित करीब पांच वर्ष का था, जब पूरा परिवार पैतृक गांव छोड़कर भरथना आ गया था। रेलवे फाटक के पास गणेश राइस मिल के निकट पिता ने मकान बनवाया था। माता-पिता की मृत्यु के बाद पारिवारिक विवाद में वह मकान बेच दिया गया। बहन की शादी के बाद सभी भाइयों ने अपने-अपने हिस्से का पैसा ले लिया, जिसमें अंकित भी शामिल था। कुछ समय बाद अपना हिस्सा खर्च करने के बाद अंकित फिर दीपचंद के पास लौट आया। भाई ने उसे अपने साथ रखा ताकि वह सामान्य जिंदगी जी सके, लेकिन इसी दौरान एसओजी टीम पूछताछ के लिए उसे अपने साथ ले गई। बाद में पता चला कि बसरेहर थाना क्षेत्र में मिर्ची पाउडर डालकर टेंपो लूट की वारदात में उसका नाम सामने आया है। टेंपो लूट के बाद बदली जिंदगी दीपचंद के अनुसार, बसरेहर थाना क्षेत्र में हुई टेंपो लूट की घटना के बाद पुलिस ने मुठभेड़ में अंकित को गिरफ्तार किया था। इस दौरान उसके पैर में गोली भी लगी थी। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ बसरेहर और इकदिल थानों में लूट, छिनैती समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हुए। इसके बाद वह लगातार अपराध की दुनिया में आगे बढ़ता गया और परिवार से पूरी तरह कट गया। रेलवे फाटक पर लगाता था चाय और अंडे का ठेला परिजनों का कहना है कि करीब तीन-चार वर्ष पहले तक अंकित भरथना रेलवे फाटक के पास चाय और अंडे का ठेला लगाकर गुजर-बसर करता था। इसी दौरान उसकी चाची उसे अपने साथ दिल्ली ले गईं। परिवार का दावा है कि दिल्ली में उसका संपर्क गलत लोगों से हुआ और वहीं से उसके जीवन की दिशा बदल गई। अपराधियों की संगत में आने के बाद उसने अपराध का रास्ता अपना लिया। करीब तीन-चार साल पहले वह आखिरी बार घर आया था। इसके बाद न तो वह दोबारा लौटा और न ही परिवार से कोई संपर्क रखा। भाइयों से भी टूट गया रिश्ता दीपचंद ने बताया कि पिछले कई वर्षों से अंकित का किसी भी परिजन से संपर्क नहीं था। न वह घर आता था और न ही फोन पर बात करता था। बड़ा भाई कानपुर में मजदूरी कर रहा है, जबकि दीपचंद भरथना में चाय की दुकान चलाकर परिवार की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। मुठभेड़ की आधिकारिक सूचना भी नहीं मिली परिवार का कहना है कि अंकित के मारे जाने की जानकारी उन्हें पुलिस या प्रशासन की ओर से नहीं दी गई। उन्हें इसकी सूचना पत्रकारों के माध्यम से मिली। शाम तक भी परिवार के पास कोई आधिकारिक सूचना नहीं पहुंची थी। दीपचंद ने बताया कि करीब चार दिन पहले एक युवक ने अंकित की तस्वीर दिखाकर बताया था कि उसका नाम कुछ आपराधिक घटनाओं में सामने आ रहा है, लेकिन तब भी पुलिस ने परिवार से कोई संपर्क नहीं किया। 25 हजार का इनामी कैसे बना पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बसरेहर थाना क्षेत्र में मिर्ची पाउडर झोंककर टेंपो लूट की घटना के बाद अंकित का आपराधिक सफर तेज हो गया। उसके खिलाफ बसरेहर और इकदिल थानों में लूट, छिनैती समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज हुए। लगातार फरार रहने के कारण पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। लंबे समय से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। सामान्य युवक से इनामी बदमाश तक परिजनों के मुताबिक, अंकित बचपन में सामान्य लड़कों की तरह था। माता-पिता के निधन और पारिवारिक परिस्थितियों के बाद उसकी जिंदगी बिखरती चली गई। कुछ समय तक उसने मेहनत-मजदूरी और चाय-अंडे का ठेला लगाकर जीवनयापन किया, लेकिन गलत संगत ने उसकी पूरी जिंदगी बदल दी। धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया में उतरता गया और अंततः पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि कई वर्षों से उनका उससे कोई संबंध नहीं था और उसके बारे में मिलने वाली हर जानकारी उन्हें दूसरों के माध्यम से ही मिलती रही।
    Click here to Read more
    Prev Article
    रिकॉर्ड में पर्याप्त खाद, लेकिन खाली हाथ लौट रहे किसान:धान की रोपाई पर मंडराया संकट, सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर
    Next Article
    कानपुर में सुबह से छाए बादल, बारिश का अलर्ट:लोगों को गर्मी से मिली राहत, अब तक 10 प्रतिशत कम बरसात हुई

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment