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    रिकॉर्ड में पर्याप्त खाद, लेकिन खाली हाथ लौट रहे किसान:धान की रोपाई पर मंडराया संकट, सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर

    1 hour ago

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    कानपुर देहात में खाद की उपलब्धता को लेकर सरकारी दावों और जमीनी स्थिति में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रशासन जहां जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध होने का दावा कर रहा है, वहीं किसान कई दिनों से खाद के लिए वितरण केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। धान की रोपाई के सबसे अहम समय में खाद न मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रसूलाबाद के बंसी निवादा स्थित खाद वितरण केंद्र पर गुरुवार और शुक्रवार को किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई किसान सुबह से शाम तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल सकी। इससे किसानों में नाराजगी भी देखने को मिली। किसानों का दर्द: चार दिन से लगा रहे चक्कर रेवरी निवासी किसान विजय बहादुर ने बताया कि कागजात जमा कराने के बाद उन्हें ई-पॉस मशीन खराब होने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। अगले दिन भी घंटों इंतजार के बावजूद खाद नहीं मिली। वहीं इटैली निवासी किसान दुर्गेश ने बताया कि वह लगातार चार दिनों से खाद लेने आ रहे हैं। खेतों में धान की रोपाई चल रही है और मजदूर लगे हुए हैं, लेकिन खाद के अभाव में खेती का काम प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों ने ई-पॉस मशीन को बताया वजह अधिकारी लगातार जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि ई-पॉस मशीन में तकनीकी खराबी के कारण खाद वितरण प्रभावित हो रहा है। हालांकि किसानों का सवाल है कि यदि गोदामों में पर्याप्त खाद मौजूद है तो उन्हें खाली हाथ क्यों लौटना पड़ रहा है। पंचायत भवन में चल रहा खाद केंद्र, ग्रामीण सेवाएं प्रभावित खाद वितरण के लिए पंचायत भवन का उपयोग किए जाने से ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। पंचायत भवन में खाद वितरण केंद्र संचालित होने के कारण पंचायत संबंधी कई सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए भी ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समय पर खाद नहीं मिली तो उत्पादन पर पड़ेगा असर किसानों का कहना है कि खाद की उपलब्धता केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि धान की रोपाई के इस महत्वपूर्ण समय में खाद उपलब्ध नहीं हुई तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ेगा।
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