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    डिग्री कॉलेजों में 1253 शिक्षकों की होगी सीधी भर्ती:लोक सेवा आयोग ने जारी किया विज्ञापन; डॉ. बीएल शर्मा बोले- जल्द भरे जाएंगे रिक्त पद

    7 hours ago

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    उच्च शिक्षा विभाग में अब 'परफॉरमेंस' ही बजट का आधार बनेगी। राजकीय और एडेड कॉलेजों में चल रही सुस्ती को दूर करने के लिए निदेशालय 'यूपी प्रमाण' पोर्टल लॉन्च करने जा रहा है। यह पोर्टल प्रदेश के सभी कॉलेजों की 42 कड़े पैमानों पर 'परीक्षा' लेगा। खास बात यह है,कि जो कॉलेज शिक्षा और तकनीक के मोर्चे पर टॉप-10 में जगह बनाएंगे, सरकार उनकी झोली फंड से भर देगी। वहीं, खराब रैंकिंग वाले कॉलेजों के लिए यह सुधार का आखिरी मौका होगा। इसके साथ ही, सालों से ट्रांसफर के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे शिक्षकों के लिए भी बड़ी राहत की खबर है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ.बी.एल शर्मा से हुई विशेष बातचीत के मुख्य अंश सवाल: यह 'यूपी प्रमाण' पोर्टल क्या है और इससे कॉलेजों का क्या बदलेगा? जवाब: डॉ.बी.एल शर्मा ने कहा कि,यह कॉलेजों की रैंकिंग सुधारने और उनमें प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। हम गवर्नमेंट और एडेड कॉलेजों की ग्रेडिंग करने जा रहे हैं। इसके लिए हमने 42 और 43 कड़े पैरामीटर तय किए हैं। इसमें देखा जाएगा कि कॉलेज में IQAC सेल एक्टिव है या नहीं, प्लेसमेंट सेल बच्चों को नौकरी दिला पा रहा है या नहीं, और शिक्षा में नई टेक्नोलॉजी का कितना इस्तेमाल हो रहा है। सवाल: क्या रैंकिंग का असर कॉलेज को मिलने वाले बजट पर भी पड़ेगा? जवाब: बिल्कुल। जो कॉलेज प्रदेश के टॉप-10 में जगह बनाएंगे, उन्हें सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए विशेष अनुदान (ग्रांट) देगी। अक्सर देखा जाता है कि कई अच्छे कॉलेजों को रूसा (RUSA) या अन्य योजनाओं से पैसा नहीं मिल पाता, हम उन्हें प्राथमिकता देंगे। वहीं, जो कॉलेज 'बिलो 10' (सबसे नीचे) रहेंगे, उन्हें अपना प्रदर्शन सुधारने की प्रेरणा और चेतावनी दोनों मिलेगी। सवाल: शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए NOC और भागदौड़ से कब मुक्ति मिलेगी? जवाब: शिक्षकों की यह समस्या जल्द दूर होने वाली है। यूपी सरकार पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष ऑनलाइन ट्रांसफर व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसके लिए NIC के माध्यम से एक नया पोर्टल विकसित किया जा रहा है। अब ट्रांसफर की प्रक्रिया 'एकल खिड़की' सिस्टम पर होगी, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम होगा। सवाल: सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है, नई भर्ती को लेकर क्या अपडेट है? जवाब: देखिए, हमारी प्राथमिकता रिक्त पदों को भरने की है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को 1253 पदों का अधियाचन पहले ही भेजा जा चुका है। आयोग ने विज्ञापन भी जारी कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है और बहुत जल्द राजकीय महाविद्यालयों को नए शिक्षक मिल जाएंगे। इन 5 पैमानों पर तय होगी आपके कॉलेज की रैंकिंग प्लेसमेंट रिकॉर्ड: कितने छात्रों को कैंपस से नौकरी मिली। स्मार्ट लर्निंग: क्लासरूम में आधुनिक तकनीक और इंटरनेट का उपयोग। MOU और पार्टनरशिप: कॉलेज ने रिसर्च या ट्रेनिंग के लिए बाहरी संस्थाओं से कितने समझौते किए। IQAC सेल: कॉलेज की आंतरिक गुणवत्ता बनाए रखने वाली सेल की सक्रियता। इंफ्रास्ट्रक्चर: लैब, लाइब्रेरी और क्लासरूम की वर्तमान स्थिति। इस नई व्यवस्था से उन कॉलेजों की पोल खुलेगी जो सिर्फ कागजों पर चल रहे हैं। ऑनलाइन ट्रांसफर से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और खाली पदों पर भर्ती से ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर सुधरेगा।
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