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    एक पैर से स्कूल जाती थी बच्ची, योगी इलाज कराएंगे:बलिया डीएम से साइकिल मांगी थी, कहा था- मैं खूब पढ़ना चाहती हूं

    19 hours ago

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    बलिया में डीएम से साइकिल मांगने वाली रागिनी की पुकार योगी तक पहुंच गई है। एक पैर से कूदते-कूदते स्कूल जाने वाली बच्ची का पैर सही कराने की कोशिश शुरू हो गई है। CM ने कहा है कि बच्ची के इलाज का पूरा खर्च यूपी सरकार उठाएगी। अब स्वास्थ्य विभाग एक्टिव हो गया है। रागिनी की मदद के लिए फिजिक्स वाला कोचिंग के CEO अलख पांडेय ने 10 लाख रुपए भेजे हैं। एक दिन पहले डीएम ने भी बच्ची को साइकिल दी थी। जिला अस्पताल में गुरुवार को मेडिकल के बाद बच्ची को वाराणसी के BHU अस्पताल भेजने का फैसला लिया गया। रागिनी ने मासूमियत से DM से कहा- थैंक्यू अंकल। 2 तस्वीरें देखिए… स्कूल जाते समय रास्ते में कई बार बैठती है रागिनी रानीपुर गांव के रहने वाले देवेंद्र राजभर हैदराबाद में मजदूरी करते हैं। गांव में उनके पिता नारद, मां, पत्नी बबीता देवी और इकलौती बेटी रागिनी (7) रहती हैं। 6 महीने की उम्र में रागिनी ने एक पैर गंवा दिया था। रागिनी दिघेड़ा गांव के प्राइमरी प्राथमिक स्कूल में कक्षा- 1 में पढ़ती है। स्कूल और घर की दूरी सिर्फ 400 मीटर ही है। लेकिन, पैर की समस्या के चलते रागिनी के लिए यह सफर बहुत लंबा है। 400 मीटर जाने में वह कई बार थककर जमीन पर बैठ जाती है। दर्द से रोने लगती है। डीएम से बोली थी- अंकल साइकिल दिला दो रागिनी ने पैर की दिक्कत से परेशान होकर 31 अगस्त को डीएम से भावुक अपील की थी। कहा था- DM अंकल मेरा एक पैर खराब है, मुझे साइकिल दिलवा दीजिए। मैं बहुत पढ़ाई करूंगी। इसके बाद बुधवार को मंगला प्रसाद सिंह गांव पहुंचे। उन्होंने रागिनी को एक की जगह 2 ट्राई साइकिल दीं। इसके बाद रागिनी ने कहा था कि- मुझे साइकिल मिल गई। अब और कुछ नहीं चाहिए। मां के साथ डीएम ऑफिस पहुंची रागिनी गुरुवार को DM ने बताया कि बच्ची का मेडिकल कराया जा रहा है। CM के निर्देश हैं कि बच्ची के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. करण सिंह चौहान ने सीएमओ डॉ. अभय नारायण राय की मौजूदगी में रागिनी की पैर की अच्छे से जांच की। इसके बाद विशेष जांच के लिए उसे BHU ले जाने का फैसला घर वालों की सहमति से लिया गया। इसके बाद रागिनी अपनी मां बबीता देवी के साथ DM ऑफिस पहुंची। वहां तय हुआ कि शनिवार को रागिनी को जांच के लिए वाराणसी ले जाया जाएगा। रागिनी ने बताया- DM अंकल ने कहा है कि तुम्हारा पैर एकदम ठीक हो जाएगा। मैं बहुत खुश हूं, थैंक्यू अंकल। DM मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने जांच की है। उन्होंने दो ऐसी जांचें बताई हैं, जो यहां संभव नहीं हैं। इसलिए बच्ची को बीएचयू भेजा जा रहा है। हमारी कोशिश है कि बच्ची का पैर ऑपरेशन या किसी भी तरीके से ठीक हो जाए। डॉक्टर की टीम बताएगी कि क्या करना है। हमारा प्रयास है कि बच्ची अपने पैरों पर खड़ी हो सके। इसमें जो भी खर्च आएगा वो राज्य सरकार उठाएगी। बचपन में फ्रैक्चर हुआ, घुटने से जुड़ नहीं पाया CMO डॉ. अभय नारायण राय ने बताया- बचपन में बच्ची का पैर फ्रैक्चर हुआ था, वह घुटने से जुड़ नहीं पाया। मांसपेशियां लगातार कमजोर होती गईं, जिससे पंजा झुक गया है। इलाज के लिए कुछ जरूरी जांचें बलिया में नहीं हो पा रहीं। इन जांचों के बाद ही तय कर पाएंगे कि बच्ची को कैसे ठीक किया जा सकता है। पूरी उम्मीद है कि बच्ची अपने पैरों पर खड़ी हो जाएगी। फिजिक्स वाला के अलख पांडेय ने 10 लाख की मदद भेजी रागिनी की अपील अब हर तरफ गूंजने लगी है‌। DM ने बच्ची को दो-दो ट्राइसाइकिल और जरूरत का सामान दिया। रास्ता और आवास बनवाने का वादा भी किया। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने 26 हजार की मदत तत्काल भेजी। फिजिक्स वाला के सह संस्थापक और CEO अलख पांडेय ने बिटिया के इलाज के लिए 10 लाख रुपए भेजे हैं। अलख पांडेय ने वीडियो जारी करके कहा कि सुबह से बहुत सारे लोगों इस बच्ची का वीडियो भेजा और उसमें मुझे टैग किया। वीडियो देखकर बहुत दुख हुआ। यह छोटी सी बच्ची है जो स्कूल जाना चाहती है। रागिनी की मां बबीता देवी ने दैनिक भास्कर से फोन से बातचीत में बताया कि अलख जी ने फोन पर हमसे बात की थी। उन्होंने कहा कि हमने आपके खाते में 10 लाख रुपये भेज दिए हैं। बच्ची का सही से इलाज कराइगा। मां दवा दिलाने जा रही थी, तभी रागिनी का एक्सीडेंट हुआ मां बबीता ने बताया- रागिनी 6 महीने की थी। तब उसकी तबीयत खराब थी। मैं उसे गोद में लेकर दवा लेने जा रही थी। रास्ते में हमारा एक्सीडेंट हो गया। उस हादसे में रागिनी का एक पैर बुरी तरह टूट गया। इलाज तो हुआ, लेकिन पैर पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया। कई जगह इलाज कराया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मां ने बताया कि अब रागिनी 7 साल की हो गई है। वह एक पैर से ही अपना सारा काम करती है। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर देखने के बाद सब लोग आ रहे हैं। गली-मोहल्ले के बच्चे स्कूल बैग लेकर जब घर के सामने से गुजरते थे, तो रागिनी रोने लगती थी। कहती थी कि मुझे भी पढ़ना है। -------------------- यह खबर भी पढ़ें… राम मंदिर CEO के चाचा बोले-अब भगवान की सेवा करेगा:देवरिया के गांव में जय श्रीराम के नारे लगे; लोगों ने कहा- ईमानदारी का तोहफा मिला पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बन गए हैं। जीतेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर बनकटा के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उनको CEO बनाए जाने के बाद से गांव में जश्न का माहौल है। जीतेंद्र मिश्रा के चाचा ने कहा- भतीजे ने पहले देश की सेवा की, अब प्रभु राम की सेवा करेगा। दैनिक भास्कर की टीम उनके गांव पहुंची और परिवार के लोगों से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
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