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    एक्टर कमल सदाना का बर्थडे बना मातम:नशे में पिता ने बहन-मां की हत्या की, बचाने आए एक्टर और दोस्त को गोली मारी

    2 hours ago

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    बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-8 में जानिए कहानी एक्टर कमल सदाना के फैमिली मर्डर केस की। कमल सदाना का 20वां बर्थडे था, जब उनके पिता ने मां-बहन की गोली मारकर हत्या की और फिर उन पर भी गोली चलाई। इस हत्याकांड में एक्टर का पूरा परिवार खत्म हो गया। तारीख- 21 अक्टूबर 1990 जगह- जल कमल बंगला, 28th रोड, बांद्रा ईस्ट, मुंबई कमल सदाना उस समय तक फिल्मों में नहीं आए थे। उनके पिता बृज सदाना एक मशहूर फिल्ममेकर थे, जिन्होंने धर्मेंद्र स्टारर फिल्म प्रोफेसर प्यारेलाल, चोरी मेरा काम, यकीन और विक्टोरिया नंबर 204 जैसी बेहतरीन फिल्में बनाई थीं। वहीं उनकी मां सईदा खान 60 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस थीं। बृज सदाना से शादी के बाद सईदा ने फिल्मों में काम करना बंद कर दिया और हिंदू धर्म अपनाकर सुधा सदाना बन गईं। इस शादी से उन्हें दो बच्चे हुए। बड़ी बेटी का नाम नम्रता था और छोटे बेटे का नाम कमल। 21 अक्टूबर को कमल सदाना का 20वां जन्मदिन था। पिता बृज सदाना को शराब की लत थी, जिससे घर में आए दिन झगड़े होते थे। उस रोज भी कमल की नींद मां-बाप के झगड़े के शोर से खुली। आमतौर पर पिता बृज सदाना शाम होते ही पीना शुरू कर देते थे, लेकिन उस रोज उन्होंने सुबह से ही पीना शुरू कर दिया था। बृज सदाना बेहद गुस्सैल थे। शाम होते-होते मां ने कमल सदाना की बर्थडे पार्टी के लिए घर में ही इंतजाम कर लिए। कमल के कुछ दोस्त भी घर आने वाले थे। शाम को कमल के दो दोस्त हरि और रिज्वी आए। कमल उनके पार्टी करने निकल गए। दोस्तों के साथ लंबी सैर की, खाना खाया और फिर घर लौट आए। तब भी दोस्त साथ ही थे। घर का माहौल अब भी थोड़ा खामोश था। बहन नम्रता और मां सईदा (सुधा) पहली मंजिल के लिविंग रूम में बैठे थे और पिता पहली मंजिल के अपने कमरे में थे। कमल भी अपने दो दोस्तों हरि और रिज्वी के साथ पहली मंजिल में स्थित अपने कमरे में चले गए। उन्होंने रूम लॉक किया और सीडी प्लेयर में तेज आवाज में गाने बजाकर डांस करने लगे। तीनों उस कमरे में मस्ती कर रहे थे कि तभी एक तेज आवाज सुनाई दी, जो गानों की आवाज में दब गई। कुछ सेकेंड बाद एक और तेज आवाज आई, इस बार ये साफ था कि आवाज गोली चलने की है। तीनों घबराकर भागते हुए सीढ़ियों से नीचे उतरे। मंजर भयावह था। कमल की मां खून से लथपथ फर्श पर पड़ी कराह रही थीं। नजरें घुमाईं तो पास में बहन नम्रता भी बेसुध पड़ी थीं। ये देख कमल की चीख निकल गई। वो मां के पास दौड़ गए, नजर उठाई तो पास में पिता बृज सदाना अब भी अपनी लाइसेंस वाली 32 बोर स्मिथ एंड वेसन रिवॉल्वर लिए नशे में धुत्त खड़े थे। अब उनकी रिवॉल्वर के निशाने पर कमल भी थे। कमल को देखते ही उन्होंने गोली चला दी। वो घबराकर झुक गए। गले में एक झटका सा महसूस हुआ, वो भी फर्श पर गिरे। तभी पिता ने एक और बार फायरिंग की, जो पास खड़े दोस्त हरि की कलाई में जा लगी। सब जमीन से सटे थे कि पिता उठे और धीमें कदमों से सीढ़ियां चढ़ते हुए अपने कमरे की ओर चले गए। चीख-पुकार अचानक खामोशी में बदल गई। पिता के जाते ही कमल उठे और होश खो रहीं मां-बहन को उठाने की कोशिश करने लगे। वो रोते-बिलखते पड़ोस में रहनेवाले मुर्तुजा अंकल के पास गए और मदद मांगी। एंबुलेंस बुलाई गई, जिसमें कमल और उनके दोस्तों ने सईदा और नम्रता को भाभा हॉस्पिटल पहुंचाया। दोनों का खून काफी बह चुका था। उन्हें इमरजेंसी में रखा गया। तभी डॉक्टर की नजर कमल की शर्ट पर पड़ी। डॉक्टर ने तुरंत पूछा- तुम्हारी शर्ट पर इतना खून क्यों है? कमल ने जवाब दिया- ये मेरी मां और बहन का खून होगा। डॉक्टर ने फिर झट से कहा- नहीं, तुम्हें भी गोली लगी है। कमल सदाना खामोश रहे, इतने में डॉक्टर ने फिर कहा- इस हॉस्पिटल में हमारे पास जगह नहीं है, तुम्हें दूसरे हॉस्पिटल जाना होगा। खून से लथपथ कमल ने कहा- नहीं, आप मेरी मां और बहन को जिंदा रखिए, मैं अपने पिता को देखने घर जा रहा हूं। कमल ये भयावह मंजर देखने के बाद भी पिता के लिए फिक्रमंद थे। जहन में बस यही ख्याल था कि न जाने अकेलेपन में पिता के मन में क्या ख्याल आ रहे होंगे। तभी साथ मौजूद दोस्त आबिस ने जबरदस्ती कर उन्हें इलाज के लिए मनाया। आबिस ही उन्हें हिंदुजा हॉस्पिटल ले गए। तब तक रात के 3 बज चुके थे। डॉक्टर्स ने देखा कि कमल के गले में गोली लगी थी। गोली बाहिनी तरफ से लगी और गला चीरते हुए दाहिनी ओर से निकली। उन्हें तुरंत सर्जरी की जरुरत थी। उन्हें एनेस्थेसिया दिया गया, जिसके बाद उनकी सर्जरी हुई। कुछ घंटों तक कमल होश में नहीं आए। जब कई घंटों बाद कमल को होश आया तो 22 अक्टूबर की तारीख लग चुकी थी। दोस्त उन्हें लेकर घर पहुंचे तो घर के बाहर भीड़ लगी थी। सभी शोक में थे। उन्होंने कदम बढ़ाया तो देखा मां और बहन नम्रता की लाशें सफेद कपड़े में लिपटी रखी हुई थीं। नजरें घुमाई तो वहां तीसरी लाश भी थी, जो कमल के पिता बृज सदाना की थी। वही बृज, जिन्होंने गोलियां चलाई थीं। दरअसल, पत्नी सईदा, बेटी नम्रता, कमल और उनके दोस्त पर गोली चलाने के बाद बृज सदाना अपने कमरे में चले गए। जब सभी हॉस्पिटल के लिए रवाना हुए तो कुछ देर बाद कमल ने मुंह में रिवॉल्वर रखी और गोली चला दी, जिससे उनकी भी मौत हो गई। बड़े प्रोड्यूसर थे कमल सदाना के पिता बृज, मां थीं स्टार एक्ट्रेस कमल सदाना की मां सईदा बेगम की मां अनवरी एक डांसर हुआ करती थीं। एक पार्टी में 50 के दशक के मशहूर प्रोड्यूसर एच.एस.रवैल की 11 साल की सईदा पर नजर पड़ी, जिन्होंने उन्हें फिल्म कांच की गुड़िया में काम दिया। फिल्म में उनके साथ मनोज कुमार थे। हालांकि इस फिल्म की रिलीज से पहले सईदा को हुनर की बदौलत किशोर कुमार के साथ अपना हाथ जगन्नाथ मिली, जो उनकी पहली फिल्म रही। सईदा ने मनोज कुमार के साथ कई फिल्में की थीं। 60 के दशक में नई एक्ट्रेसेस के आने से उन्हें काम मिलना बंद हो गया था। वहीं बृज सदाना 50 के दशक के मशहूर प्रोड्यूसर हुआ करते थे। उन्होंने अशोक कुमार, किशोर कुमार, मनोज कुमार, धर्मेंद्र, पृथ्वीराज कपूर जैसे कई दिग्गजों के साथ चोरी मेरा काम, एक से बढ़कर एक, प्रोफेसर प्यारेलाल जैसी दर्जनों हिट फिल्में बनाई थीं। जिस समय सईदा को काम मिलना बंद हुआ, तब आर्थिक मदद करने के लिए बृज सदाना उन्हें अपनी फिल्मों में छोटे-मोटे रोल देने लगे। समय के साथ दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और फिर 60 के दशक के आखिर में शादी कर ली। बृज सदाना के साथ प्रोफेसर प्यारेलाल, बॉम्बे 405 माइल्स जैसी फिल्मों में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम कर चुके डायरेक्टर आशिम सामंत कहते हैं, ‘मैं बृज सदानाह की बहन के पति देवेंद्र गोयल जी के बेटे का खास दोस्त था। स्कूल से ही हम साथ में 60 एमएम साइलेंट फिल्में बनाया करते थे। ग्रेजुएशन के बाद जब मैंने सोचा कि डायरेक्शन लाइन में कुछ करना है, तो मैं उस वक्त अपने पिता (शक्ति सामंत) के साथ तो काम कर ही रहा था, लेकिन सोचा कहीं और अनुभव लेता हूं। बृज सदाना मेरे पापा के भी दोस्त थे। उनसे मैंने कहा कि मैं आपके साथ काम करना चाहता हूं। उन्होंने तुरंत रिप्लाई किया कि आ जाओ। उस वक्त कमल, उनका बेटा, बिल्कुल बच्चा था। प्यार से बृज सदानाह उसे पिग बुलाते थे।’ ‘मैंने फिल्म बॉम्बे 405 माइल्स, जिसमें विनोद खन्ना और शत्रुघ्न सिन्हा थे, उसमें असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। फिर एक और फिल्म थी प्रोफेसर प्यारे लाल, उसमें भी काम किया। फिल्म में धर्मेंद्र और जीनत हीरो-हीरोइन के तौर पर थे।’ ‘मैंने बृज सदाना को कभी भी सेट पर अपना टेंपर लूज करते हुए नहीं देखा। कई बार ऐसा होता था कि सेट पर शत्रुघ्न सिन्हा लेट पहुंचते, तो बड़ी ही समझदारी से वो शॉट को लंबा कर दिया करते थे। इस टेक्नीक को मैंने भी सीखा और अपनी फिल्मों में इस्तेमाल किया है।’ जैसे ही अगले दिन ये खबर सामने आई, तो फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मच गई। हर कोई बृज सदाना को उनकी बेहतरीन फिल्मों के लिए जानता था। बृज सदाना का गुस्सा भी फिल्म इंडस्ट्री में किसी से छिपा नहीं था। हर कोई जानता था कि उन्हें हमेशा से ही गन रखने का शौक था। सेट पर भी वो अपनी लाइसेंसी गन ले जाया करते थे। गुस्से में एक्टर को बंदूक दिखाकर दी थी धमकी बृज सदाना हमेशा अपने साथ रिवॉल्वर रखते थे। एक बार उनकी पत्नी की शिकायत पर उनकी रिवॉल्वर पुलिस स्टेशन में जब्त कर ली गई थी। लेकिन फिर धमकियां मिलने का हवाला देते हुए बृज सदाना ने फिर गन रखना शुरू कर दिया था। एक बार तो उन्होंने गुस्से में एक एक्टर को गन से धमकाया था। आशिम सामंत वो घटना याद कर कहते हैं, ‘बहुत से लोग हमारी इंडस्ट्री में इसी तरह से रिवॉल्वर रखते हैं और शूट के सेट पर पत्थरों पर निशाना लगाते हैं। मैं तो कहूंगा कि ये एक पाप है। अगर गलती से वो पत्थर पर लगी गोली रिफ्लेक्ट होकर किसी को लग जाए, फिर क्या होगा।’ ‘मैं नाम नहीं लूंगा उस एक्टर का। लेकिन एक नामी एक्टर, जो बृज सदानाह को ना फिल्म के लिए डेट दे रहा था, ना फोन उठा रहा था। एक दिन अपनी बंदूक लेकर बृज सदाना उसके घर पहुंच जाते हैं और बंदूक दिखाते हैं। मजाक में एक्टर उनसे पूछता है कि आप बंदूक लेकर क्यों आए हैं। तो उन्होंने कहा कि अगर मैं किसी पर गुस्सा आने पर उसे मारने के लिए घर से बंदूक लेकर आऊं, तो वो पहले से प्लान्ड लगेगा। लेकिन गुस्से में मार दूं, तो लगेगा कि हां, गुस्सा आया था इसलिए हो गया। ये सुनकर तुरंत ही उस एक्टर ने फिल्म साइन कर दी।’ ये अपनी तरह की कोई इकलौती घटना नहीं थी। एक बार बृज सदाना, झगड़ा कर बच्चों को साथ लेकर निकलीं पत्नी सईदा को डराने के लिए भी गोली चला चुके थे। तब लीजेंड्री एक्ट्रेस नरगिस ने सईदा की मदद की और बृज सदाना की रिवॉल्वर जब्त करवाई थी। अब सवाल ये था कि क्या वाकई बृज सदाना ने गुस्से और नशे में गोली चलाई या उस रोज उनके घर में मौजूद एक करीबी शख्स इस हत्याकांड की वजह बना। जानिए सभी सवालों के जवाब कल कमल सदाना फैमिली मर्डर केस के पार्ट-2 में। सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर। …………………………………………… पार्ट- 2, एक अफेयर बना कमल सदाना फैमिली हत्याकांड की वजह, घटना के समय था मौजूद, सालों बाद उसकी भी हत्या हुई बृज सदाना अपने करीबियों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए बेहद शांत स्वाभाव के शख्स थे। लेकिन शक और पारिवारिक अनबन उनके लिए घातक साबित होने लगी। एक रोज बृज को खबर मिली की उनकी बेटी एक लड़के से प्यार करती है। वो लड़का अक्सर उनके घर आता-जाता था। पूरी कहानी पढ़िए कल… (नोट - ये खबर कमल सदाना के परिवार के करीबी और बृज सदाना के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम कर चुके आशिम सामंत, फिल्म जर्नलिस्ट हनीफ जावेरी और रिसर्च के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी लेते हुए लिखी गई है।) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय …………………………………………………………… भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया, मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम कर रही थी। मैं सुबह से शाम वहीं रहती थी। घर में दो मेड और थीं। उस दिन घर में कोई नहीं था। अचानक उन्होंने मुझे पकड़ लिया। मैंने बचने की कोशिश की तो मारा। पूरी कहानी पढ़िए… …………………………. पार्ट-2, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………. पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, 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