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    Election Results 2026: 5 राज्यों का फैसला आज, BJP को बढ़त या regional दलों का दिखेगा दम? शुरू हुई मतों की गिनती

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    तमिलनाडु, असम, केरल, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान रोमांचक मुकाबले के बाद सोमवार को मतों की गिनती शुरू हो गई है। पहले मतपत्रों की गिनती होगी। उसके बाद ईवीएम खुलेंगे। दोपहर का तस्वीरे साफ हो सकती हैं। मतगणना के परिणाम तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) जैसे प्रमुख सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और वाम के लिए भी महत्वपूर्ण होंगे। मतगणना प्रक्रिया के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था वाले मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं।  इसे भी पढ़ें: West Bengal Election Result 2026 | 'पूरी रात जागे, स्ट्रॉन्ग रूम की रखवाली की'- नतीजों से पहले ममता बनर्जी का बड़ा संदेशनिर्वाचन आयोग ने मतगणना केंद्रों में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पहली बार ईसीआईएनईटी के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की है। पश्चिम बंगाल में 293 विधानसभा सीट के लिए 77 केंद्रों पर मतों की गिनती की जाएगी, जहां इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मतगणना दिवस से पहले राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा दोनों ने वोट में हेरफेर की आशंका व्यक्त की है। राज्य में दो चरणों का चुनाव 29 अप्रैल को समाप्त हुआ, जिसमें स्वतंत्रता के बाद से अब तक का सबसे अधिक 92.47 प्रतिशत मतदान हुआ। दक्षिण 24 परगना जिले के एक निर्वाचन क्षेत्र - फाल्टा - में गंभीर चुनावी अनियमितताओं के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया और वहां 21 मई को नये सिरे से चुनाव होगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेसमुख्य विपक्षी दल भाजपा की कड़ी चुनौती का सामना करते हुए लगातार चौथी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है, वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस 2021 के चुनाव में मिली करारी हार के बाद अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही हैं। हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) जैसी छोटी पार्टियां भी कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। निर्वाचन आयोग ने इस वर्ष मतगणना केंद्रों की संख्या पहले घोषित 87 से घटाकर 77 कर दी है, जबकि 2021 में यह संख्या 108 थी। इसके साथ ही बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था भी लागू की गई है। निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, मतगणना शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो, इसके लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। निर्वाचन आयोग ने 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। मतगणना केंद्रों पर सख्त नियंत्रण उपाय लागू किए गए हैं, जिनमें रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को छोड़कर सभी के लिए मोबाइल फोन पर प्रतिबंध शामिल है। भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की उम्मीद कर रहा है। राज्य की 126 विधानसभा सीट से 722 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य को समेटे हुए इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), 35 जिलों के 40 मतगणना केंद्रों पर खोली जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि मतगणना केंद्रों और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) वाले स्ट्रांगरूम की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की पच्चीस कंपनियों (प्रत्येक में लगभग 100 जवान) को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सीएपीएफ की दो अतिरिक्त कंपनियों को स्थिर ड्यूटीपर रखा जाएगा, जबकि राज्य सशस्त्र पुलिस की 93 कंपनियों को जिलों में तैनात किया गया है। राज्य में मतदान 9 अप्रैल को हुआ था, जिसमें 85.96 प्रतिशत मतदान हुआ था। राज्य में 722 उम्मीदवारों में से कांग्रेस के सबसे अधिक 99 उम्मीदवार हैं, उसके बाद भाजपा के 90, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के 30, राजग के सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) के 26 और बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के 11 उम्मीदवार हैं। विपक्षी गठबंधन में, रायजोर दल ने 13 सीट पर, असम जातीय परिषद ने 10 सीट पर, माकपा ने तीन सीट पर और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस ने दो सीट पर चुनाव लड़ा। प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख गौरव गोगोई, विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दाइमरी और रायजोर दल के प्रमुख और सांसद अखिल गोगोई शामिल हैं। केरल में, 2024 के लोकसभा चुनाव और हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में अपने प्रदर्शन से उत्साहित कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ), दो कार्यकालों से सत्ता में रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) को सत्ता से बाहर करने की उम्मीद कर रहा है। वहीं भाजपा के नेतृत्व वाला राजग द्विध्रुवीय राजनीति वाले राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। एलडीएफ की हार के साथ 1960 के दशक के बाद पहली बार ऐसा होगा कि वामपंथी दल किसी भी भारतीय राज्य में सत्ता में नहीं होंगे। राज्य में 140 सीट के लिए कुल 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य के लिए 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 140 रिटर्निंग ऑफिसर, 1,340 अतिरिक्त रिटर्निंग ऑफिसर, 4,208 सूक्ष्म पर्यवेक्षक, 4,208 मतगणना पर्यवेक्षक और 5,563 मतगणना सहायक शामिल हैं। मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस कर्मियों के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं। भाजपा के नेतृत्व वाला राजग, हालांकि सरकार बनाने की दौड़ में नहीं है, लेकिन 2021 में एक भी सीट जीतने में विफल रहने के बाद केरल में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए इस चुनाव को महत्वपूर्ण मान रहा है। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) एक बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में चुनाव लड़ रही है, जहां उसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के अलावा, अभिनेता एवं नेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और सीमान की एनटीके जैसी नयी पार्टियां भी मैदान में हैं। द्रमुक राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है। तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने बताया कि राज्य भर में 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए एक व्यापक त्रिस्तरीय सुरक्षा योजना सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। मतगणना ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और सूक्ष्म पर्यवेक्षकों और पुलिस सहित लगभग 1.25 लाख कर्मियों को तैनात किया गया है।  इसे भी पढ़ें: Bengal Election Results से पहले चुनाव आयोग का एक्शन, 432 Observers की निगरानी में होगी वोटों की गिनतीईवीएम के लिए 234 मतगणना हॉल की व्यवस्था की गई है। डाक मतपत्रों और इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे गए डाक मतपत्रों (ईटीपीबी) की गिनती के लिए अतिरिक्त 240 हॉल निर्धारित किए गए हैं। मतगणना कार्य के लिए कुल 10,545 मतगणना कर्मियों को तैनात किया गया है, जिन्हें 4,624 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों का सहयोग प्राप्त है। निर्वाचन आयोग ने मतगणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 234 मतगणना पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है। पुडुचेरी में केंद्र शासित प्रदेश में छह मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी), भाजपा, अन्नाद्रमुक और एलजेके से मिलकर बने राजग को कांग्रेस, द्रमुक और वीसीके से मिलकर बने ‘इंडिया’ गठबंधन से चुनौती मिल रही है। गोवा, कर्नाटक, नगालैंड, गुजरात और महाराष्ट्र की आठ सीट पर भी मतगणना होगी, जहां मौजूदा विधायकों के निधन के बाद पिछले महीने उपचुनाव हुए थे। आठ निर्वाचन क्षेत्र हैं: गोवा में पोंडा, कर्नाटक में बागलकोट और दावनगेरे दक्षिण, नगालैंड में कोरीडांग, त्रिपुरा में धर्मनगर, गुजरात में उमरेथ और महाराष्ट्र में राहुरी और बारामती।
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