Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    एमिटी विश्वविद्यालय में दो दिवसीय सम्मेलन का समापन:महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और शोध पर हुई चर्चा

    9 hours ago

    1

    0

    लखनऊ में एमिटी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन शुक्रवार को समापन हो गया।यह सम्मेलन 'विमेन इन एकेडेमिया, रिसर्च एंड मैनेजमेंट फॉर वर्क-लाइफ इनिशिएटिव्स फॉर सस्टेनेबल हेल्थ एंड एम्पावरिंग सेफ्टी (वार्म-विशेज 2026)' विषय पर केंद्रित रहा। इस का आयोजन एमिटी इंस्टिट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी और सीएसआईआर–इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च, लखनऊ ने संयुक्त रूप से किया था। सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और शोध से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा हुई। समापन सत्र की मुख्य अतिथि लखनऊ की संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार (आईपीएस) थीं। वह हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस में इस पद को संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनी हैं। यह सम्मेलन महिला सशक्तिकरण का उत्सव मुख्य अतिथि अपर्णा कुमार ने 'वार्म-विशेज 2026' को केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित महिलाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनकी सफलता समाज में नए अवसरों के द्वार खोलेगी। इस अवसर पर ओरल और पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि ने पुरस्कार प्रदान किए। ओरल प्रेजेंटेशन में हुमैरा सईद और इशिका दुग्गल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि पोस्टर प्रेजेंटेशन में कनिष्का सिंह, सृष्टि गुप्ता और नेहा खरे को पहला पुरस्कार मिला। संस्थान महिलाओं को उचित अवसर दे रहा प्रोफेसर भास्कर नारायण ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को केवल शारीरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसमें मानसिक स्वास्थ्य, आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान भी शामिल होना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि जब संस्थान महिलाओं को उचित अवसर और सहयोग प्रदान करते हैं, तो इसका लाभ पूरे समाज को मिलता है। सम्मेलन के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य, उद्यमिता, जैव-प्रौद्योगिकी नवाचार और पर्यावरणीय सततता जैसे विषयों पर कई तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए। इन सत्रों में डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और लखनऊ विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में विश्वविद्यालय के शिक्षक, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अखिलेश बोले- सिलेंडर किल्लत की अफवाह सीएम फैला रहे:डिप्टी CM गांजे पकड़ाने वाली जगह गए, लखनऊ की पार्टी में खजूर खाया
    Next Article
    मेरठ में दरोगा भर्ती की परीक्षा के लिए तैयारियां पूरी:सभी केंद्रो पर त्रिस्तरीय चेकिंग के बाद मिलेगा प्रवेश, सावर्जनिक स्थानाें पर बनाए हेल्प डेस्क

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment