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    एरा युनिवर्सिटी में बायोएथिक्स यूनिट की स्थापना:डा. रसेल डिसूजा बोले, नैतिकता, जागरुकता और वैज्ञानिक प्रगति के संतुलन को देगा मजबूती

    7 hours ago

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    एरा विश्वविद्यालय ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार को बायोएथिक्स (जैव नीति विज्ञान) यूनिट की स्थापना की गई। गुरुवार को युनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में इससे संबंधित आदेश युनिवर्सिटी प्रबंधन को सौंपा। कार्यक्रम में इंटरनेशनल चेयर इन बायोएथिक्स यानी आईसीबी के एशिया प्रशांत प्रभाग के अध्यक्ष डॉ. रसेल डिसूजा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एरा के सिद्धांत और मूल्य बहुत सराहनीय हैं। आज का दिन संस्थान के लिए ऐतिहासिक है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय को नैतिकता, जागरुकता और वैज्ञानिक प्रगति के संतुलन में मजबूत आधार प्रदान करेगी। उन्होंने बायोएथिक्स यूनिट की स्थापना का आदेश एरा विश्वविद्यालय की प्रो-वाइस चांसलर एवं यूनिट की अध्यक्ष प्रो. डॉ. फरजाना मेहदी को सौंपा। प्रो. फरजाना मेहदी ने कहा कि यह यूनिट मात्र एक विभाग नहीं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण स्तंभ है। लेडमैन के नाम से मशहूर प्रो. टी. वेंकटेश ने अपने संबोधन में कहा कि जागरुकता, जवाबदेही और अखंडता बायोएथिक्स के मंत्र हैं। हमें मरीज के जीवन को बेहतर बनाना है। नैतिकता से शुरुआत करनी होगी। उन्होंने एरा विश्वविद्यालय के चिकित्सा और शिक्षा क्षेत्र में योगदान की सराहना की। कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए दत्ता मेघे आयुर्वेद संस्थान, वर्धा के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. वेदप्रकाश मिश्रा ने कहा, एरा विश्वविद्यालय चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। नई तकनीक से मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी। आईसीबी एशिया प्रशांत सह-अध्यक्ष डॉ. मैरी मैथ्यू ने छात्र शाखा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि छात्र हमारा भविष्य हैं। स्वास्थ्य कानून सलाहकार डॉ. विवेक मैडी ने इसे बड़ा कदम करार देते हुए कहा कि यह यूनिट विभिन्न चुनौतियों से निपटने में सहायक बनेगी। कार्यक्रम के बाद डॉ. रसेल डिसूजा के नेतृत्व में एक कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें विभागाध्यक्षों और संकाय सदस्यों ने रोजमर्रा की मरीज देखभाल में नैतिक सिद्धांतों के प्रयोग, चिकित्सा अनुसंधान में नैतिक ढांचे को मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इस मौके पर कुलपति प्रो. अब्बास अली मेंहदी व अन्य ने अतिथियों को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। डॉ. पिंकी देवी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के डीन, विभागाध्यक्ष, चिकित्सक और छात्र मौजूद रहे।
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