Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    एवरेस्ट से उतरते वक्त 2 भारतीयों की मौत:ज्यादा थकान से सांसें फूल गई थीं, शेरपा रेस्क्यू टीम ने की थी बचाने की कोशिश

    18 hours ago

    1

    0

    माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले 2 भारतीय पर्वतारोहियों की उतरते समय मौत हो गई। यह जानकारी शुक्रवार को नेपाल अभियान संचालक संघ के महासचिव ऋषि भंडारी ने दी। उन्होंने बताया कि अरुण कुमार तिवारी और संदीप अरे नामक पर्वतारोही एवरेस्ट से उतरते समय बुरी तरह थक गए थे। इससे उनकी सांसें फूल गई थीं। भंडारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि आरे ने बुधवार को, जबकि अरुण तिवारी ने गुरुवार को शाम करीब 5:30 बजे एवरेस्ट को फतह किया था। अरुण तिवारी की मौत हिलेरी स्टेप के पास हुई। वहीं, संदीप अरे को शेरपा रेस्क्यू टीम कैंप-2 तक ले आई थी। कैंप पहुंचने के कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई। तीन भारतीयों ने एवरेस्ट फतह किया बुधवार को संदीप रे समेत तीन भारतीय पर्वतारोहियों ने 8 हजार 848 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंचे थे। इसमें अन्य दो पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी और अजय पाल सिंह धालीवाल हैं। अगले दिन, गुरुवार को भारत के अरुण तिवारी और लक्ष्मीकांत मंडल चोटी पर पहुंचे थे। पर्वतारोहियों की 3 तस्वीरें… इस सीजन में अब तक 5 की मौत न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस पर्वतारोहण सत्र में अभियान के दौरान माउंट एवरेस्ट पर 3 नेपाली पर्वतारोहियों समेत 5 लोगों की मौत हो चुकी है। नेपाल की ओर से इस साल एवरेस्ट अभियान के लिए रिकॉर्ड 493 परमिट जारी किए गए हैं। यह संख्या 1953 में तेनजिंग नोर्गे और सर एडमंड हिलेरी द्वारा पहली सफल चढ़ाई के बाद से अब तक की सबसे ज्यादा है। इस सीजन में चढ़ाई की शुरुआत देरी से हुई थी, क्योंकि खुम्बू आइसफॉल में मार्ग तैयार करने और रस्सियां लगाने में समय लगा। 13 मई को रस्सियां फिक्स होने के बाद आधिकारिक तौर पर अभियान शुरू हुआ। बुधवार को नेपाल की ओर से एक ही दिन में रिकॉर्ड 274 पर्वतारोही एवरेस्ट शिखर पर पहुंचे। नेपाली मार्ग से सफल चढ़ाई कर नया रिकॉर्ड बना माउंट एवरेस्ट पर एक ही दिन में 274 पर्वतारोहियों ने दक्षिणी नेपाली मार्ग से सफल चढ़ाई कर नया रिकॉर्ड बनाया है। यह नेपाली रूट से एक दिन में एवरेस्ट फतह करने वालों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इससे पहले 22 मई 2019 को 223 पर्वतारोहियों ने एक दिन में एवरेस्ट फतह किया था। 1852 में जॉर्ज ‘एवरेस्ट’ ने ऊंचाई नापी और उन्हीं का नाम दे दिया गया माउंट एवरेस्ट एशिया के महान हिमालय श्रृंखला के शिखर पर है। यहां का वातावरण बेहद ठंडा (तापमान करीब -37 डिग्री) और मौसम उससे भी अधिक बदलाव वाला है। नेपाल और तिब्बत के बॉर्डर पर खड़े इस दुनिया के सबसे ऊंचे पहाड़ की ऊंचाई सबसे पहले अंग्रेजों ने 1852 में नापी। चूंकि देश अंग्रेजों का गुलाम था इसलिए माउंट एवरेस्ट भी ब्रिटिश हुकूमत के अधीन था। साल 1852 में अंग्रेजों ने हिमालय के पहाड़ों का एक सर्वे कराया। इसे ग्रेट ट्रिगोनोमेट्रिकल सर्वे ऑफ इंडिया कहा गया। इस सर्वे टीम ने अनुमान लगाया और बताया कि एवरेस्ट की ऊंचाई 29,002 फीट है। इस ट्रिगोनोमेट्रिकल सर्वे टीम के एक पुराने लीडर थे जॉर्ज एवरेस्ट। इनके नाम पर एवरेस्ट का नाम रख दिया गया। बाद में तेनजिंग के एवरेस्ट फतह के बाद इसका नाम बदल कर माउंट तेनजिंग करने का बहुत दबाव बना, मगर नाम नहीं बदला जा सका। ------------------- ये खबर भी पढ़ें... मिशन एवरेस्ट:55 देशों के 492 पर्वतारोही इतिहास रचने को बेताब; चीन के 109, भारत के 61 पर्वतारोही शामिल नेपाल के सोलुखुम्बु जिले (एवरेस्ट रीजन) में माउंट एवरेस्ट फतह करने का जुनून इन दिनों चरम पर है। इस सीजन कुल 55 देशों के रिकॉर्ड 492 पर्वतारोही एवरेस्ट फतह करने की कोशिश में हैं। इनमें सबसे ज्यादा चीन के 109 तो भारत के 61 पर्वतारोही शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    NCERT-करप्शन इन ज्यूडीशियरी के लेखकों को हटाने का आदेश वापस:सुप्रीम कोर्ट बोला- कंटेंट पर सवाल, व्यक्ति पर नहीं; लिखने वालों पर सरकार फैसला करे
    Next Article
    सुप्रीम कोर्ट बोला- माता-पिता IAS तो बच्चों को आरक्षण क्यों:क्रीमी लेयर के बच्चे रिजर्वेशन लेते रहे तो इससे कभी नहीं निकल पाएंगे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment