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    F-22 से खतरनाक रूस का SU-57 M1, खरीदेगा भारत?

    3 hours from now

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    भारत और रूस के बीच Sukhoi SU 57 डील की चर्चा है और खास बात इसका एडवांस वेरिएंट M1 अब रिपोर्ट क्या कहती है वो जान लीजिए। दरअसल डिफेंस पोर्टल मिलिट्री वॉच मैगज़ीन के मुताबिक भारत और रूस के बीच लाइसेंस प्रोडक्शन को लेकर बातचीत हुई है। एडवांस स्टेज पर यह बातचीत पहुंच चुकी है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत लगभग 100 से ज्यादा एसयू 57 खरीदने की योजना पर विचार कर रहा है। लेकिन अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है और भारत तक भी इसकी पुष्टि नहीं करता। मिलिट्री वॉच मैगजीन के हवाले से ये बात सामने आई है। नए फाइटर जेट्स की तुरंत ज़रूरत है। हालांकि भारत खुद का स्टील फाइटर भी बना रहा है। लेकिन इसे ऑपरेशनल होने में समय लगेगा इसलिए एक इंट्रिम सॉल्यूशन की जरूरत है। अब बात करते हैं सच की। मौजूदा एसयू 57 पूरी तरह लो ऑब्जरवेशन नहीं माना जाता है। इसके इंजन और डिज़ाइन को लेकर कई एक्सपर्ट सवाल उठाते रहे हैं। इसलिए M1 वेरिएंट की चर्चा इतनी अहम हो जाती है। इसे भी पढ़ें: Delhi में Army ब्रिगेडियर पर हमले का मामला, Police ने 4 फरार आरोपियों को दबोचारिपोर्ट के अनुसार SU 57 M1 में बड़े बदलाव हो सकते हैं। पहला नया इंजन लगेगा जिसका नाम होगा AL51F1 इंजन जो ज्यादा पावरफुल ज्यादा कॉम्पैक्ट और बेहतर स्टील सिग्नेचर के साथ लैस होगा। इसके अलावा दूसरा सबसे बड़ा पॉइंट है बदलाव का वो है एडवांस एवन। बेहतर सेंसर, बेहतर डाटा फ्यूज़ और नेटवर्क सेंट्रिक वॉारफेयर से यह लेस होगा। अब इसके अलावा रीडाज़ाइन फ्यूज़लेस बेहतर एोडायनेमिक्स और कम रडार सिग्नेचर यानी M1 वेरिएंट को ज्यादा स्टिल ऑप्टिमाइज्ड बनाया जा सकता है। अब सबसे दिलचस्प सा भारत की रणनीति। रिपोर्ट बताती है कि भारत पूरा ऑर्डर एक साथ नहीं देगा बल्कि डिफर्ड ऑर्डर देगा। मतलब पहले 30 से 40 एयरक्राफ्ट फिर अगला बैच फिर अपग्रेडेड वर्जन। इसका फायदा यह होगा कि तुरंत कमी पूरी हो जाएगी। इसे भी पढ़ें: Explained LCA Tejas Back | तेजस की वापसी: क्या 40 साल का इंतज़ार और करोड़ों का निवेश वाकई 'बेकार' था?भविष्य में बेहतर टेक्नोलॉजी मिल जाएगी और रिस्क भारत कम उठाएगा और अगर तब तक HLM का तैयार हो जाता है तो भारत अपने घरेलू फाइटर जेट पर शिफ्ट हो जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल है क्या एसयू 57 M1 F22 रैप्टर से बेहतर होगा। सच क्या है? देखिए F22 अभी भी दुनिया के सबसे एडवांस 12 फाइटर जेट्स में से एक है। लेकिन SU 57 की खासियत है इसकी मल्टी रोल क्षमता।  स्टेल्थ सेंसर, पायलट ट्रेनिंग और मिशन प्रोफाइल पर। इसलिए अब यह कहना जल्दबाजी होगी कि Sukhoi 57, M1, F22 से बेहतर होगा। अब आते हैं राजनीति पर। अगर भारत रूस से इतनी बड़ी डील करता है तो अमेरिका की प्रतिक्रिया क्या हो सकती है? वो यह हो सकती है कि डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेता रूसी हथियारों के खिलाफ सख्त रूप अपना सकते हैं। इसी वजह से ऐसी डील्स अक्सर लो प्रोफाइल रखी जाती है। संभावना यह है कि किसी बड़े इवेंट जैसे कि ब्रिक्स समिट में आधिकारिक घोषणा हो सकती है। 
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