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    फारूक हत्याकांड में ACEO ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत मांगी:नीरज रस्तोगी ने गिरफ्तारी से बचने को याचिका दायर की, 20 फरवरी को होगी सुनवाई

    12 hours ago

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    रामपुर के चर्चित फारूक हत्याकांड में कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला पंचायत कार्यालय के अपर मुख्य अधिकारी (ACEO) नीरज रस्तोगी ने पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। रस्तोगी के अधिवक्ता प्रशांत व्यास और मोहित कुमार के माध्यम से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 20 फरवरी 2026 की तारीख तय की है। साथ ही, राज्य सरकार और मृतक की पत्नी वादिनी गौसिया को नोटिस जारी कर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि 11 फरवरी 2026 को जिला पंचायत कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी असगर अली ने मामूली विवाद के बाद अधिवक्ता फारूक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में असगर अली को भी गोली लगी थी। पुलिस ने असगर अली को हिरासत में लेकर मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज कराया, जहां उसके पेट से गोली निकाली गई। इसके बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उसके पास से पिस्टल और घटनास्थल से कारतूस के खोखे बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक ने पिस्टल लाइसेंस रद्द करने की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है। मृतक फारूक की पत्नी गौसिया ने असगर अली पर हत्या का आरोप लगाते हुए और अपर मुख्य अधिकारी नीरज रस्तोगी पर हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। इस बीच, रामपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी ने बताया कि वादिनी और सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही एक वरिष्ठ अधिवक्ता को हाईकोर्ट भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कराना है। अधिवक्ताओं ने मृतक के परिवार के लिए 5 करोड़ रुपये मुआवजे, आरोपियों की संपत्ति की जांच और बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी प्रशासन से की है। अब सभी की निगाहें 20 फरवरी को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।
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