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    फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों का लोन घोटाला:एसटीएफ व साइबर क्राइम की संयुक्त कार्रवाई, बैंक मैनेजर समेत चार पहले ही जा चुके हैं जेल

    3 hours ago

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    एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए विभिन्न बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन कराने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड आमिर एहसन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को रविवार को आईआईएम रोड स्थित सहारा होम्स के पास, थाना मड़ियांव क्षेत्र से पकड़ा गया। मामला उस समय खुला जब एक पीड़ित ने एसटीएफ मुख्यालय में शिकायत की कि बिना लोन लिए ही उसके मोबाइल पर ईएमआई ड्यू का मैसेज आने लगा। जांच में सामने आया कि उसके नाम पर दो लोन स्वीकृत हो चुके थे। ऐसे हुआ खुलासा एसटीएफ मुख्यालय को मिले प्रार्थना पत्र की जांच अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह के पर्यवेक्षण में साइबर टीम कर रही थी। शिकायतकर्ता राज बहादुर गुरुंग ने बताया कि व्यवसाय के लिए लोन की जरूरत थी। उसके मित्र इंद्रजीत सिंह ने नावेद हसन से मिलवाया, जो खुद को बैंक मैनेजरों से परिचित बताता था। इंद्रजीत उसे यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की जानकीपुरम शाखा ले गया, जहां ब्रांच मैनेजर गौरव सिंह के केबिन में पहले से तैयार अंग्रेजी टाइप दस्तावेजों पर कई जगह हस्ताक्षर कराए गए। कुछ दिन बाद और साइन करवाए गए। बाद में नावेद ने लोन न होने की बात कह दी। करीब 5-6 महीने बाद ईएमआई बकाया का संदेश आने पर राज बहादुर ने सिविल स्कोर चेक कराया तो पता चला कि उसके नाम पर दो लोन जारी हो चुके हैं। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एसटीएफ ने 13 सितंबर 2025 को गौरव सिंह समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना साइबर क्राइम, लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। पूछताछ और दस्तावेजों के विश्लेषण में सामने आया कि गिरोह का संचालन आमिर एहसन कर रहा था। ऐसे चलता था फर्जीवाड़ा गिरफ्तार आमिर एहसन ने बताया कि उसने 2017 में यूनिटी कॉलेज हुसैनाबाद से ड्राफ्ट्समैन का डिप्लोमा किया। 2018 में उसकी मुलाकात नावेद से हुई, जिस पर पहले से बैंक फ्रॉड के मामले दर्ज थे। गिरोह ने आधार और पैन कार्ड पर लगी फोटो एडिट कर उनकी जगह अपने सदस्यों की फोटो लगाई। फर्जी पते पर कंपनियां बनाकर मुद्रा लोन योजना के तहत अलग-अलग बैंकों से लोन पास कराए जाते थे। बैंक कर्मियों से साठगांठ कर कोटेशन तैयार कराए जाते और फर्जी हस्ताक्षर किए जाते थे। आरोपियों ने कबूल किया कि अब तक 100 से अधिक लोगों, फर्मों और कंपनियों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन लेकर करोड़ों रुपये हड़पे गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त संयुक्त टीम ने आरोपी के पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं। सभी उपकरणों का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा। गिरोह से जुड़े अन्य बैंक खातों और वॉलेट की जांच की जा रही है। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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