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    फिरोजाबाद में उपसभापति के कक्ष पर ताला:पार्षदों ने कहा- विकास पर चर्चा का एकमात्र स्थान बंद, मनमानी का आरोप

    15 hours ago

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    फिरोजाबाद नगर निगम परिसर में उपसभापति कक्ष पर ताला लगाए जाने को लेकर सोमवार को पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। बड़ी संख्या में पार्षद नगर निगम पहुंचे और कक्ष के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पार्षदों का आरोप है कि यह कक्ष उनके लिए शहर के विकास कार्यों, जनता की समस्याओं और वार्डों की योजनाओं पर चर्चा का एकमात्र स्थान था। पार्षदों ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक व्यवस्था और अपने अधिकारों का अपमान बताया। उनका कहना था कि उपसभापति कक्ष ही वह जगह थी, जहां वे वार्डों से संबंधित समस्याओं, विकास कार्यों की समीक्षा करते और अधिकारियों से संवाद स्थापित करते थे। बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्ट कारण के कक्ष पर ताला लगाने से उनमें भारी नाराजगी है। सोमवार को जब कई पार्षद नगर निगम पहुंचे और उपसभापति कक्ष को बंद पाया, तो वे आक्रोशित हो उठे। उन्होंने मौके पर ही नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम में मनमाने ढंग से काम हो रहे हैं और जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी की जा रही है। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। शहर के विकास कार्यों और वार्डों की समस्याओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उनका मानना है कि उपसभापति कक्ष पर ताला लगाकर पार्षदों को पूरी तरह से दरकिनार करने का प्रयास किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन कर रहे पार्षदों ने तत्काल उपसभापति कक्ष का ताला खोलने और उन्हें पहले की तरह वहां बैठने और बैठकें आयोजित करने की अनुमति देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे नगर निगम परिसर में बड़ा आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे। पार्षदों ने कहा कि जनता ने उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाने और विकास कार्य कराने के लिए चुना है। यदि उन्हें बैठने और चर्चा करने का अधिकार नहीं मिलेगा, तो वे जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से कैसे प्रस्तुत कर पाएंगे। इस मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, कक्ष को बंद करने के पीछे कुछ प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं, लेकिन पार्षद इन कारणों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।
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