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    फ्यूजन शिक्षा पद्धति' से रुकेगा नशा और भ्रष्टाचार-सद्गुरू ऋतेश्वर महाराज:ललितपुर में बोले- आज की शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी और आर्थिक सफलता तक सीमित

    19 hours ago

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    सद्गुरू ऋतेश्वर महाराज रविवार रात जबलपुर जाते समय कुछ देर के लिए ललितपुर पहुंचे। हाईवे स्थित चंदेरा तिराहे पर उनके अनुयायियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने देश में 'फ्यूजन शिक्षा पद्धति' लागू करने की वकालत करते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था मैकाले की सोच पर आधारित है, जिसके कारण समाज में भारतीय मूल्यों का क्षरण हुआ है। उनका दावा था कि यदि शिक्षा में आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति का समावेश किया जाए तो नशाखोरी, भ्रष्टाचार और हिंसक प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी और आर्थिक सफलता तक सीमित हो गया है, जबकि भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए ऐसी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है जो चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों को भी प्राथमिकता दे। उन्होंने चीन की तकनीकी और कृषि प्रगति का उल्लेख करते हुए वहां अपेक्षाकृत कम भ्रष्टाचार होने की बात भी कही। सरकार सनातन और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कार्य कर रही वर्तमान सरकार के कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि है। उन्होंने यह भी कहा कि पुरानी पुलिस व्यवस्था में बदलाव के प्रयास किए जा रहे हैं और सरकार की नीयसरकार सनातन मूल्यों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कार्य कर रहीत तथा नीति सकारात्मक है। शिक्षा मंत्री के विरोध में हुए छात्र आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है। उनका कहना था कि यदि छात्रों को परीक्षा या पेपर लीक को लेकर शिकायत है तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए, लेकिन कुछ लोगों ने छात्रों की आड़ में देश को अस्थिर करने का प्रयास किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे मामलों में गृह मंत्रालय आवश्यक कार्रवाई करेगा। हिंदू राष्ट्र के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है। उनके अनुसार, उन्हें विक्रमादित्य जैसा आदर्श शासन स्वीकार्य है, चाहे उसे हिंदू राष्ट्र कहा जाए या सनातन राष्ट्र। उनका मानना है कि वैदिक मूल्यों पर आधारित राष्ट्र ही विश्व को दिशा दे सकता है। हनुमान जी की झांकी और रैलियों में धार्मिक प्रतीकों के उपयोग पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान का इस प्रकार प्रदर्शन करना उचित नहीं है। इस अवसर पर अजय तिवारी नीलू, कल्पनीत सिंह, जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री लखन यादव एडवोकेट, शत्रुघ्न यादव सहित कई अनुयायी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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