Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    गोंडा में 371 वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन निरस्त:दस्तावेजों में कमी होने के चलते कार्रवाई, 5 जून तक दोबारा कराने के निर्देश

    1 hour ago

    2

    0

    गोंडा में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को लेकर के बड़ी कार्रवाई करते हुए 371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई वक्फ दस्तावेजों में खामियों और अनिवार्य जानकारी के अभाव के कारण की गई है। प्रशासन ने धार्मिक सामुदायिक संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया है।केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता के लिए 'उम्मीद' (UMMEED) पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान पंजीकरण तिथि, क्षेत्रफल, स्थापना का समय, और मुतवल्ली (प्रबंधक) की शैक्षिक योग्यता व नियुक्ति पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गए थे। निर्धारित सूचनाएं और पूर्ण जानकारी उपलब्ध न होने के कारण बोर्ड ने इन संपत्तियों का पंजीकरण रद्द करने का निर्णय लिया। हालांकि, यह रद्दीकरण अंतिम नहीं है। बोर्ड ने प्रभावित पक्षकारों और प्रबंधकों को अपनी गलतियां सुधारने का अवसर दिया है। जिन संपत्तियों का पंजीकरण रद्द हुआ है, उनके आवेदक 5 जून तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 'उम्मीद' पोर्टल पर दोबारा आवेदन कर सकते हैं। दोबारा पंजीकरण के लिए आधिकारिक पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, पते का प्रमाण, मुतवल्ली का नियुक्ति पत्र, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, धर्म और शैक्षिक योग्यता का विवरण देना अनिवार्य होगा। विभागीय सूत्रों और वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार के अनुसार, इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाली संपत्तियों में सबसे अधिक संख्या कब्रिस्तानों और मस्जिदों की है। सूची में छोटे मोहल्लों की मस्जिदों से लेकर बड़े सार्वजनिक कब्रिस्तान, मदरसे, ईदगाह, इमामबाड़ा, दरगाह और आय अर्जित करने वाली व्यावसायिक वक्फ संपत्तियां भी शामिल हैं। जिले में लगभग 1100 से अधिक वक्फ संपत्तियां सूचीबद्ध की गई थीं, जिनमें से एक तिहाई से अधिक पर यह कार्रवाई हुई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना और अवैध कब्जों या गलत प्रबंधन को रोकना है। अब सभी की नजरें 5 जून की समय सीमा पर टिकी हैं, ताकि इन धार्मिक स्थलों का वैधानिक दर्जा बहाल हो सके। गोंडा वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार ने इसकी पुष्टि की है कि 371 संपत्ति का पंजीकरण खामियों के चलते निरस्त किया गया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मथुरा में 9 थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र बदले:जगदंबा सिंह को नौहझील और संजीव कुमार को कृष्णानगर का चौकी प्रभारी बनाया गया
    Next Article
    अमेठी में तेज हवा के साथ बारिश:ओले गिरने के बाद से तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली निजात

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment