Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    गाजीपुर में सिलेंडर ब्लास्ट मामला:फर्म और प्रतिनिधि पर केस, 3 लोग घायल, अब सिलेंडर की जांच से खुलेगा धमाके का राज

    15 hours ago

    4

    0

    गाजीपुर के महाराजगंज के बिंदपुरवा गांव में बुधवार को ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से तीन लोग घायल हो गए थे। इस मामले में घटना के दूसरे दिन पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। गाजीपुर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर श्रीशिश कुमार सिंह की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने क्रेता फर्म सुभाष चंद्र कुशवाहा अंकित एंड कंपनी, गाजीपुर-जमानियां और उसके प्रतिनिधि आशीष कुमार पांडेय के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब पुलिस की जांच इस बात पर फोकस है कि सिलेंडर कहां से आया, उसमें कौन सी गैस थी और वह किस वजह से फटा। बुधवार शाम हुए धमाके में सुरवतपाली, कासिमाबाद निवासी श्रीभगवान राम (25) और अविनाश (23) बुरी तरह घायल हुए थे। दोनों को शुरुआती इलाज के बाद वाराणसी भेजा गया था। श्रीभगवान का वाराणसी ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। धमाके में उनके दोनों पैर घुटने के नीचे से बुरी तरह खराब हो गए हैं। ट्रामा सेंटर में बेड नहीं मिलने पर अविनाश को कबीरचौरा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका कमर से नीचे तक का हिस्सा झुलस गया है। इस हादसे में झोपड़ी में मौजूद बिंदपुरवा निवासी बालमती देवी (29) भी घायल हो गईं। उनकी आंख और मुंह के आसपास बुरी तरह झुलसने की चोट आई है। देर रात आंख के विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिलने पर परिजन उन्हें शादियाबाद स्थित आंख के अस्पताल ले गए थे। इलाज के बाद अगले दिन उन्हें दोबारा गाजीपुर मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चेहरे पर ज्यादा सूजन होने के कारण उनकी आंखें भी नहीं खुल पा रही हैं। कोतवाली पुलिस के मुताबिक, रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर की शिकायत के आधार पर क्रेता फर्म और उसके प्रतिनिधि के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि सिलेंडर ब्लास्ट की वजह की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि सिलेंडर किस जगह से आया था और उसकी क्या हालत थी अब तक 30 हजार की मदद हादसे के बाद घायलों के इलाज के लिए ठेकेदार की ओर से शुक्रवार शाम एक बार फिर 10 हजार रुपये भेजे गए। श्याम सुंदर के मुताबिक, सुभाष चंद्र कुशवाहा अंकित एंड कंपनी के साथ पार्टनरशिप में काम करने वाले ठेकेदार विक्रम गुप्ता ने शुक्रवार शाम करीब छह बजे उसके मोबाइल पर 10 हजार रुपये भेजे। श्याम सुंदर फिलहाल श्रीभगवान के साथ वाराणसी ट्रामा सेंटर में मौजूद है और उसके इलाज की देखरेख कर रहा है। श्याम सुंदर ने बताया कि हादसे के बाद इससे पहले भी विक्रम गुप्ता की ओर से उसके खाते में 20 हजार रुपये भेजे गए थे। इस तरह अब तक इलाज के लिए 30 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। हालांकि उसके मुताबिक श्रीभगवान और अविनाश के इलाज में अब तक लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। मजदूर बोला- सिलेंडर पर कंपनी का नाम तक नहीं था हादसे के समय मौके पर मौजूद मजदूर श्याम सुंदर ने बताया कि 10 मजदूर रेलवे की लोहे की पटरियों को गैस कटर से काटने, उनमें जंजीर फंसाने और ट्रैक्टर से खींचकर ट्रेलर पर लादने का काम कर रहे थे। बुधवार शाम काम खत्म होने के बाद श्रीभगवान और अविनाश सिलेंडर को पास की झोपड़ी में रखने गए थे। जमीन पर रखने के बाद दोनों कुछ कदम आगे बढ़े ही थे कि तेज धमाका हो गया। श्याम सुंदर का कहना है कि जिस सिलेंडर में धमाका हुआ, उस पर किसी कंपनी का नाम, पहचान या तारीख अंकित नहीं थी। उसके मुताबिक ठेकेदार के लोग सिलेंडर फतेहउल्लहपुर स्थित एक प्लांट से लाते थे। हालांकि प्लांट संचालक मुकेश बंगाली ने बताया कि हादसे वाला सिलेंडर उनके यहां से नहीं गया था और उसे मुगलसराय से लाया गया था। ऐसे में सिलेंडर की वास्तविक आपूर्ति का स्रोत पुलिस जांच में महत्वपूर्ण कड़ी हो सकता है। धमाके के बाद ठेकेदार चला गया श्याम सुंदर के मुताबिक हादसे के समय ठेकेदार विक्रम गुप्ता और उसका मुंशी आशीष कुमार पांडेय मौके पर मौजूद थे। धमाके के बाद ठेकेदार वहां से चला गया, जबकि मुंशी मौके पर रहा। घायल मजदूरों को वाराणसी ले जाने के दौरान ठेकेदार की ओर से उसके खाते में 20 हजार रुपये भेजे गए थे। इसके बाद शुक्रवार को फिर 10 हजार रुपये भेजे गए। इकलौते बेटे के दोनों पैर गए श्रीभगवान के परिवार पर हादसे का सबसे बड़ा असर पड़ा है। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी प्रीति से हुई थी। उसकी पांच महीने की बेटी है और वह परिवार का इकलौता बेटा है। पिता परमेश्वर राम मजदूरी करते हैं। बेटे के दोनों पैर चले जाने के बाद परिवार के सामने इलाज के साथ-साथ भविष्य में रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। प्रीति पांच महीने की बच्ची को गोद में लेकर पति के जल्द ठीक होने की उम्मीद कर रही है। परिवार का कहना है कि श्रीभगवान ही घर की जिम्मेदारी संभालता था। अब उसके घायल होने के बाद बच्ची की परवरिश और घर का खर्च चलाना मुश्किल होगा। कोतवाली थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर श्रीशिश कुमार सिंह की तहरीर पर सुभाष चंद्र कुशवाहा अंकित एंड कंपनी और उसके प्रतिनिधि आशीष कुमार पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सिलेंडर कैसे ब्लास्ट हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    करोड़पति कारोबारी की बहू से पूछे जाएंगे 7 सवाल:कानपुर कोर्ट में होगी रिमांड पर सुनवाई; पति सुब्रत से पुलिस आमना-सामना कराएगी
    Next Article
    आगरा में शिवम कि मौत हादसा या हत्या:लखनऊ की FSL टीम करेगी क्राइम सीन रीक्रिएट, परिजन ने पुलिस पर लगाया हत्या कर शव छुपाने का आरोप

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment