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    गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर के विरोध में उतरी AAP:कार्यकर्ता बोले- स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्तओं का उत्पीड़न बंद हो

    2 hours ago

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    गाजियाबाद में आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आह्वान पर विद्युत स्मार्ट मीटर के विरोध में जिले की आम आदमी पार्टी इकाई ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। इसके बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदेशव्यापी इस प्रदर्शन का नेतृत्व आम आदमी पार्टी के जिला महासचिव शैलेश कुमार ने किया। ज्ञापन में राज्यपाल को संबोधित करते लिखा गया कि UP में बिजली के स्मार्ट मीटर के नाम पर आम जनता के साथ व्यापक स्तर पर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। प्रदेश के लाखों उपभोक्ता मनमाने बिजली बिल, गलत रीडिंग, अत्यधिक दरों और तकनीकी खामियों के कारण परेशान है। जिससे आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। दूसरे दिन विरोध जारी प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पारदर्शिता और सुविधा देने के बजाय जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि जहां पहले लगभग 1500 तक का बिजली बिल आता था, वहीं अब वही बिल बढ़कर 6000–7000 तक पहुंच रहा है। प्रीपेड मीटर व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को अग्रिम भुगतान करने के बावजूद 10–12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। जो इस पूरी प्रणाली की विफलता को दर्शाता है। जिला महासचिव शैलेश कुमार ने कहा कि प्रदेश में लगाए गए लगभग 80 लाख स्मार्ट मीटरों में से करीब 70 लाख प्रीपेड मीटर हैं, जिनके माध्यम से आम जनता पर जबरन आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। इन मीटरों की कार्यप्रणाली, रीडिंग की सटीकता और बिलिंग प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्मार्ट मीटर से हर आदमी परेशान आम आदमी पार्टी की खेलकूद प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष मीनाक्षी श्रीवास्तव ने कहा कि स्मार्ट मीटर से यह संदेह उत्पन्न होता है कि यह व्यवस्था पारदर्शी होने के बजाय उपभोक्ताओं के शोषण का माध्यम बन गई है। UP में नलकूपों पर भी सरकार द्वारा 4G सिम-आधारित स्मार्ट मीटर लगाने की योजना शुरू की गई है। लेकिन स्मार्ट मीटर से अत्यधिक बिजली बिल आने और कनेक्टिविटी संबंधी समस्याओं के कारण किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी के चलते मीटर की कार्यप्रणाली बाधित होती है, जिससे न केवल सिंचाई प्रभावित हो रही है बल्कि किसानों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है। यह स्थिति कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत चिंताजनक है और सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा एवं किसानों की आजीविका को प्रभावित कर रही है। मनोज त्यागी ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में एक ओर जहां बिजली कटौती से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर प्रीपेड स्मार्ट मीटर की खामियों ने आम नागरिकों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। यह स्थिति सीधे तौर पर जनता के जीवन स्तर, दैनिक आवश्यकताओं और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर रही है। यह रहे मौजूद जिला विद्युत उपकेन्द्रों पर जिला कमेटी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष मीनाक्षी श्रीवास्तव, जिला महासचिव शैलेश कुमार, अधिवक्ता मनोज त्यागी, राशीद सिद्दीकी, सतीश गहलोत, सोढी सिंह, प्रशांत गुप्ता, डॉ.आदित्य सिंह , मयंक जैन, अनुज शर्मा, वसी अहमद, मनोज गौड़, रोहित यादव, अखिलेश गौतम, सिराजुद्दीन और अन्य रहे रहे।
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