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    गरीब बेटियों के सपने पूरे कर रहा है गेल:किसान और प्राइवेट नौकरी वालों की बेटियां बन रहीं इंजीनियर-डॉक्टर

    6 hours ago

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    वाराणसी के गरीब और सामान्य परिवारों की बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने वाली पहल “गेल उत्कर्ष सुपर 80” ने एक बार फिर शानदार परिणाम दिया है। गेल (इंडिया) लिमिटेड की CSR पहल के तहत चल रहे इस आवासीय कोचिंग सेंटर की सभी 30 छात्राओं ने JEE Main 2026 पास कर लिया है और अब वे JEE Advanced के लिए क्वालिफाई हो गई हैं। यह लगातार दूसरा साल है जब इस संस्थान ने 100 प्रतिशत रिजल्ट दिया है। यह कोचिंग सेंटर वाराणसी में शिक्षा में समान अवसर और महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रहा है। यहां आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को मुफ्त में पढ़ाई, रहने और खाने की सुविधा दी जाती है, ताकि वे इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे बड़े सपनों को पूरा कर सकें। दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए मुजफ्फरनगर की रहने वाली छात्रा निशा बालियान ने बताया, “इस एक साल की जर्नी में हमने बहुत मेहनत की है। जब हम खुद के अंदर झांक कर देखते हैं तो लगता है कि हम पूरी तरह बदल गए हैं। सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि सोच और आत्मविश्वास में भी बहुत बदलाव आया है।” घर के बारे में पूछे जाने पर निशा ने बताया, “मेरे पिताजी का नाम पवन कुमार है और वे किसान हैं। हमारे परिवार में माता जी और दो बहनें हैं। बड़ी बहन बीए कर रही है और छोटी बहन अभी चौथी कक्षा में पढ़ती है।” फतेहपुर की रहने वाली राधा पांडे ने 96.04 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया, “मैं ओपन टेस्ट के जरिए यहां आई हूं। मेरे पापा किसान हैं, वे खेतों में काम करते हैं। मेरी बड़ी बहन भी यहां पढ़ चुकी है, उसी से मुझे इसके बारे में जानकारी मिली। जब मेरा चयन हुआ तो बहुत खुशी हुई, क्योंकि मुझे लगा कि अब JEE की तैयारी के लिए सही मार्गदर्शन मिलेगा।” मध्य प्रदेश के गुना की रहने वाली अवनी झा ने बताया, “मेरे पिताजी प्राइवेट नौकरी करते हैं। अगर मुझे किसी प्राइवेट कोचिंग में पढ़ना होता, तो मेरे माता-पिता उसे अफोर्ड नहीं कर पाते। इसी वजह से मैंने यहां की परीक्षा दी और यहां तक पहुंची। हमारे नवोदय विद्यालय में इस संस्थान के लिए लिखित परीक्षा हुई थी, जिसमें मैंने क्वालिफाई किया। इसके बाद भोपाल में इंटरव्यू हुआ और फिर डॉक्यूमेंटेशन के बाद मेरा चयन हुआ।” पढ़ाई को लेकर अवनी ने कहा, “मैं अपनी पढ़ाई से संतुष्ट हूं, लेकिन अभी और मेहनत करनी है। JEE Advanced के लिए मैं अपना 100 प्रतिशत देना चाहती हूं, क्योंकि मुझे अभी अपने लक्ष्य तक पहुंचना है।” साल 2021 में शुरू हुए इस वाराणसी केंद्र में 11 महीने की मुफ्त आवासीय कोचिंग दी जाती है। यहां 30 छात्राएं JEE और 50 छात्राएं NEET की तैयारी करती हैं। चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होता है, जिसमें ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। इस पहल की शुरुआत साल 2009 में कानपुर से हुई थी, जिसके बाद इसे 2018 में हल्द्वानी तक बढ़ाया गया। वाराणसी केंद्र गेल का पहला ऐसा आवासीय केंद्र है जो सिर्फ बेटियों के लिए है। अब तक यहां से 121 छात्राएं लाभ उठा चुकी हैं, जिनमें से 25 का चयन IIT, 33 का NIT और 50 छात्राओं का चयन राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में हुआ है। गेल उत्कर्ष सुपर 80 की यह सफलता दिखाती है कि अगर बेटियों को सही दिशा, बेहतर मार्गदर्शन और बराबर अवसर मिलें, तो वे किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं और अपने परिवार के साथ-साथ समाज का नाम भी रोशन कर सकती हैं।
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